यूटी प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, बिजली विभाग का लाभ पिछले तीन साल में चार गुना हो गया है। साल 2018-19 में सभी तरह के खर्चों, कर्ज आदि को निकालने के बाद विभाग को 83.87 करोड़ का लाभ हुआ, जो वित्तीय वर्ष 2019-20 में 254.73 करोड़ रुपये हो गया। यह लाभ वर्तमान वित्तीय वर्ष 2020-21 में बढ़कर 365.11 करोड़ का हो गया है। इसके बावजूद यूटी प्रशासन विभाग का निजीकरण कर रहा है। इसके लिए टेंडर हो चुका है और सात कंपनियों ने बोली लगाई है।
मूल्यांकन समिति की ओर से आवेदनों की जांच की जा रही है, जिसके बाद वित्तीय बोली खोली जाएगी। इसमें जिसकी बोली सबसे ज्यादा होगी, उसे मंजूरी के लिए प्रशासन केंद्र सरकार के पास भेजेगा। बिजली विभाग को खरीदने के लिए जिन कंपनियों ने बोली जमा कराई है, उनमें अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड, टाटा पावर, टोरेंट पावर, स्टेरेलाइट पावर, रिन्यू विंड एनर्जी, एमीनेंट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड और एनटीपीसी इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी लिमिटेड हैं।
- उपभोक्ता वर्ग पुराने दाम (प्रति यूनिट) नए दाम (प्रति यूनिट)
- घरेलू सप्लाई
- 0-150 यूनिट प्रति माह 2.75 रुपये 2.50 रुपये
- 151-400 यूनिट 4.80 4.25
- 400 यूनिट से अधिक 5.20 4.65
- 0-150 यूनिट प्रति माह 5 रुपये 4.50 रुपये
- 151-400 यूनिट 5.30 4.70
- 400 यूनिट से अधिक 5.60 5
- उद्योग
- बड़े उद्योग 5 रुपये 4.50 रुपये
- मध्यम उद्योग 4.70 4.20
- छोटे उद्योग 4.80 4.30
आज से होंगे ये बदलाव, जेब पर बढ़ेगा बोझ
चंडीगढ़ में अप्रैल माह से कई बदलाव होने जा रहे हैं। एक ओर जहां पानी के दाम में बढ़ोतरी हो जाएगी, वहीं बिजली के दाम कम हो जाएंगे। अपनी स्वेच्छा से संपत्ति कर भरने वालों को कर में छूट मिलेगी। साथ ही पार्किंग के शुल्क भी बढ़ जाएंगे। कुल मिलाकर यह माह लोगों के लिए मिलाजुला रहेगा।
पानी
नए वित्तीय वर्ष में नगर निगम पानी के बिल में तीन प्रतिशत का इजाफा करेगा। अधिसूचना के अनुसार, निगम हर साल नए वित्तीय वर्ष में पानी के दाम तीन प्रतिशत बढ़ाएगा।
संपत्ति कर जमा करने पर छूट
एक अप्रैल से दो माह के अंदर संपत्ति कर जमा कराने पर 10 से 20 फीसदी की छूट मिलेगी। नगर निगम सेल्फ असेसमेंट स्कीम योजना के अंतर्गत आवासीय संपत्ति पर 20 और व्यावसायिक संपत्ति कर जमा कराने पर 10 फीसदी की छूट देगा। 31 मई के बाद 25 प्रतिशत अतिरिक्त संपत्ति कर के साथ 12 प्रतिशत ब्याज भी लगेगा।
पार्किंग शुल्क भी महंगा
इस माह पार्किंग स्थलों का स्मार्ट कर ठेकेदार घंटे के हिसाब से पार्किंग शुल्क वसूलेंगे। इससे लोगों की जेब पर थोड़ा खर्चा बढ़ जाएगा। स्मार्ट पार्किंग में पहले चार घंटे के लिए दो पहिया वाहन को छह और चार पहिया वाहन को 12 रुपये देने होंगे। उसके बाद हर चार घंटे में शुल्क दोगुना हो जाएगा।