खराब मौसम के बावजूद सोमवार को हरियाणा की मंडियों और खरीद केंद्रों में गेहूं की खरीद शुरू कर दी गई है। सरकार ने पहले दिन 9700 किसानों से 94 हजार से अधिक मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की। सुबह से ही खराब मौसम किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ था। मगर दोपहर को अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश ने मंडियों में अपनी फसल बेचने आए किसानों के समक्ष कई तरह की दिक्कतें खड़ी कर दी। उधर, खेतों में भी खड़ी और पड़ी किसानों की लाखों क्विंटल गेहूं और सरसों की फसल भीग गई। जिसे सुखाने में किसानों को कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।
फसल सूखेगी तभी मंडियों में बिक पाएगी। वित्त विभाग के अफसरों ने किसानों से अपील की है कि वह अपनी फसल को अच्छी तरह सुखा कर ही मंडियों में पहुंचे। फसल में यदि अत्यधिक मात्रा में नमी हुई तो किसानों को उसे बेचने में दिक्कत हो सकती है। दूसरी ओर, यदि फिर से बारिश होती है, तो भी किसानों के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, क्योंकि इस वक्त बहुत से किसानों की कटकर खेतों में थोड़ी है। तो वहीं अधिकतर किसानों ने अभी फसल कटाई शुरू नहीं की है।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण और सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल द्वारा जारी एक बयान में बताया कि आज राज्य में सरसों की खरीद के लिए 163 खरीद केंद्रों पर 8693 किसान जबकि गेहूं खरीद केन्द्रों पर 9729 किसान पहुंचे। इन किसानों से खरीद एजेंसियों द्वारा कुल 24987.25 मीट्रिक टन सरसों और 94264.78 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। उन्होंने बताया कि हरियाणा कोरोना राहत कोष में 161 सरसों उत्पादक किसानों ने 1,94,819 रुपये जबकि 44 गेहूं उत्पादक किसानों ने 1,97,151 रुपये का योगदान दिया।
गेहूं खरीद में पूर्णतया फेल हुई सरकार: सुरजेवाला
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता व पूर्व मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि गेहूं खरीद में सरकार पहले ही दिन फेल रही है। कैथल, गुहला चीका, उचाना, नरवाना, जींद, सफीदों, नारनौद, महेंद्रगढ़, बल्लभगढ़ सहित प्रदेश के हर कोने से मंडियों में आढ़ती हड़ताल पर हैं। 20 दिन के लंबे इंतजार के बाद जब किसान फसल मंडियों में लेकर गया तो बदइंतजामी देख खून के आंसू रोने को मजबूर होना पड़ा। कहीं किसान का लिस्ट में नाम ही नहीं, कहीं खरीद के नाम पर दो से छह क्विंटल गेहूं ही खरीदने की बात कही जा रही है।
कहीं बारदाना, कहीं लेबर, कहीं खरीद एजेंसियां, कहीं किसान की वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं और कहीं खरीद एजेंसियां ही गायब हैं। सुरजेवाला ने सरकार से पांच सवाल भी पूछे हैं। सरकार गेहूं को मंडियों में आने के बावजूद क्यों नहीं खरीद रही? किसान-आढ़ती के दशकों पुराने गठजोड़ को तोड़ने का षडयंत्र क्यों किया जा रहा? सारी गेहूं न खरीद, सीमित खरीद ही क्यों की जा रही है? पंजीकरण के बावजूद किसान से खरीद में दिक्कतें क्यों।
अजय चौटाला बोले- मंडी में किसानों का सहयोग करें
जननायक जनता पार्टी के संरक्षक डॉ. अजय चौटाला ने पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि वे कोरोना महामारी की स्थिति से निपटने के लिए सरकार व मंडियों में अपनी फसल लेकर आ रहे किसानों का पूरा सहयोग करें। वह आज चंडीगढ़ स्थित उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के आवास से पार्टी के विधायकों, पूर्व विधायकों, जिला अध्यक्षों व प्रकोष्ठों के अध्यक्षों के साथ ऑनलाइन बैठक कर रहे थे। बैठक में पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सरदार निशान सिंह, राज्य मंत्री अनूप धानक, पार्टी प्रदेश कार्यालय सचिव रणधीर सिंह भी मौजूद रहे।
जेजेपी संरक्षक ने फसल खरीद पर कहा कि बीजेपी-जेजेपी की गठबंधन सरकार किसानों के हित में प्रत्येक उचित कदम उठा रही है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी फसल का एक-एक दाना खरीदेगी। उन्होंने पार्टी के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संकट की घड़ी से निकलने तक निरंतर जागरूकता फैलाते हुए जरूरतमंदों की मदद करें। मंडियों में आने वाले किसानों की फसल खरीद में हर जगह सहायता की जाए।