अनाज मंडी में अपने गेहूं की रखवाली करते किसान
पंजाब सरकार की आटा दाल स्कीम के तहत गरीबों को बांटे जाने वाले गेहूं को गोदाम में गीला करके वजन बढ़ाया जा रहा था। इस आरोप में तीन लोगों को रंगेहाथ काबू कर लिया गया था। जबकि आरोपियों की निशानदेही पर एक व्यक्ति को बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
वहीं, पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस हंडेसरा थाने में दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जबकि जांच के कटघरे में फूड सप्लाई महकमे के अफसर भी हैं। मामला 24 मार्च का है।
जानकारी अनुसार, गांव ज्योली में महालक्ष्मी राइस शेलर में पनग्रेन का गोदाम है। वहां आटा दाल स्कीम के तहत गरीबों को बांटे जाने वाली गेहूं का स्टोर है। इनमें एक अलग ढांग में रखीं 4 हजार से अधिक बोरियों का वजन बढ़ाने के लिए पाइप से पानी छिड़का जा रहा था। इसके अलावा 170 बोरियां गांव सयोली में डिपो में पाई गई।
पुलिस ने मौके पर छापा मारकर धोखाधड़ी करने के आरोप में डिपो होल्डर सुखदेव सिंह निवासी बरटाना, उसके कारिंदे जसपाल जस्सी और उदय सिंह को होली वाले दिन रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था। डेराबस्सी कोर्ट ने उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
थाना प्रभारी हंडेसरा भारत भूषण ने बताया कि सुखदेव व उसके कारिंदों ने बताया कि इस काम में विभाग के चौकीदार लाभ सिंह व भाग सिंह के अलावा डिपोधारक जोरावर सिंह शामिल है। इसके बाद चौकीदार भाग सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया।