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पंजाब यूनिवर्सिटी में देखिए हो क्या रहा है... एडीएसडब्ल्यू विदेश में और पीयू दिए जा रहा एक्सटेंशन

Mon, 01 Jun 2020 02:17 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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पंजाब यूनिवर्सिटी के खेल निराले हैं। पीयू में काम करने वाले शिक्षकों को पदों पर तैनात नहीं किया जा रहा और विदेशों में सेवा दे रहे शिक्षकों को चार्ज दिया जा रहा है। प्रो. रंजन कुमार को दो पहले एडीएसडब्ल्यू का चार्ज दिया गया था। वह विदेश में हैैं। उनका चार्ज यहां किसके पास है यह भी पीयू को पता नहीं। इस पर सवाल खड़े हुए हैं। जानकारों का कहना है कि क्या पीयू के पास इस पद का संचालन करने वाले शिक्षक नहीं हैं। लगातार उनको एक्सटेंशन क्यों दी जा रही है। सबसे रोचक बात यह है कि शनिवार को सिंडिकेट की बैठक में एडीएसडब्ल्यू को फिर से कंटीन्यू कर दिया गया।
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क्यों महत्वपूर्ण है एडीएसडब्ल्यू का पद
डीएसडब्ल्यू के बाद एडीएसडब्ल्यू का पद महत्वपूर्ण हो जाता है। डीएसडब्ल्यू की गैर हाजिरी में इस पद की जिम्मेदारी आ जाती है। छात्रों के कल्याण से जुड़ा यह पद महत्वपूर्ण है। छात्रों को हमेशा इस पद पर तैनात व्यक्ति की जरूरत होती है, लेकिन मदद करे तो कौन।

क्या कहते हैं जानकार
डीएसडब्ल्यू अब तक काम चलाते आ रहे हैं, लेकिन जानकारों का कहना है कि केवल नाम का पद नहीं रहना चाहिए। जिस व्यक्ति की सेवाएं हम नहीं ले रहे हैं तो उस पद को किसी अन्य शिक्षकों को दे देना चाहिए। इस चार्ज के हटाने के बाद विदेश गए शिक्षक यहां शिक्षक ही रहेंगे न कि उनकी नौकरी जा रही है। दूसरे शिक्षक को एडीएसडब्ल्यू का चार्ज दिया जाता है तो वह अनुभव भी प्राप्त करेगा और पीयू समय-समय पर उनकी सेवाएं भी लेता रहेगा। सिंडिकेट की बैठक में एडीएसडब्ल्यू को फिर से कंटीन्यू कर दिया गया। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि उनका कार्यकाल दूसरे साल का कुछ बचा हुआ है।
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