फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक डॉक्टर का तबादला क्या हुआ... स्वास्थ्य विभाग में मच गई खलबली

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। स्वास्थ्य सचिव ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात एक सीनियर मेडिकल ऑफिसर को जीएमएसएच-16 स्थानांतरित क्या किया, स्वास्थ्य विभाग में चर्चाएं तेज हो गई हैं। केंद्र पर 22 साल से तैनात सीनियर डॉक्टर को हटाने के बाद अन्य केंद्रों पर तैनात सीनियर डॉक्टरों की धड़कने बढ़ गई हैं। सभी को इस बात का डर सताने लगा है कि कहीं उनके स्थानांतरण का आदेश भी जारी न हो जाए।
विज्ञापन

स्थिति यह है कि शहर के पांच केंद्रों पर सीनियर डॉक्टर तैनात हैं। वे केंद्र पर आने वाले मरीजों के सर्दी-जुकाम का इलाज कर रहे हैं जबकि जीएमएसएच-16 व शहर के तीनों सिविल अस्पतालों में उनसे बेहतर योगदान लिया जा सकता है। इसे लेकर स्वास्थ्य सचिव सक्रिय हो गए हैं। जीएमएसएच-16 व सिविल अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों का कहना है कि यहां ड्यूटी करने पर जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ओपीडी के साथ इमरजेंसी, नाइट और ऑन कॉल सेवाएं देनी पड़ती हैं जबकि केंद्रों पर सुबह 8 से 2 बजे तक ड्यूटी देने के बाद काम खत्म हो जाता है। इसलिए वहां तैनाती लेकर आराम से नौकरी की जा रही है।
बाक्स
गौरतलब है कि स्वास्थ्य सचिव ने 21 मई की दोपहर शहर के तीन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान सेक्टर-33 के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में 22 वर्षों से तैनात डॉ. रेनू अग्रवाल को अन्यत्र स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। वहीं अगले ही दिन अवकाश के बावजूद उन्हें जीएमएसएच-16 में तैनात करने का आदेश जारी किया था।
विज्ञापन

इनसेट
यहां अब भी वर्षों से तैनात हैं एसएमओ
सेक्टर-19 के केंद्र में
सेक्टर-23 के सिविल डिस्पेंसरी में
हाईकोर्ट की डिस्पेंसरी में
सेक्टर-38 की डिस्पेंसरी में
बुड़ैल जेल में
कोट
सीनियर डॉक्टरों की जरूरत शहर के बड़े अस्पतालों में है, जिससे वे गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करा सकें। स्वास्थ्य केंद्रों में मरीज प्राथमिक उपचार के लिए जाते हैं। यह कार्य युवा डॉक्टर कर सकते हैं। इसलिए सीनियर को जीएमएसएच-16, सिविल अस्पताल 22, 45 और मनीमाजरा में तैनाती देने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन

-यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें