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सांसद किरण की होनहारों को ये सलाह, आप भी पढ़िए

Sat, 19 Jul 2014 09:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सेक्टर-32 जीएमसीएच में एमबीबीएस की 50 सीटों को 100 कराने में अहम योगदान देने वाली सांसद किरण खेर के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में विशेष समारोह आयोजित किया गया। मेरिट लिस्ट में शामिल बच्चों और उनके अभिभावकों ने खेर का गुलदस्तों के साथ स्वागत किया।
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किरण ने एमबीबीएस की सीटों को 50 से 100 किए जाने के लिए दिल्ली में किए संघर्ष को लेकर अपने अनुभव सभी के साथ सांझा किए।  खेर ने भावी डॉक्टरों से कहा कि वह शपथ लें कि सिर्फ अमीर बनने के लिए डॉक्टर नहीं बनेंगे। डिग्री लेने के बाद कम से कम दो साल गांव में प्रेक्टिस जरूर करें।

सांसद ने लड़कियों की डिमांड पर अपनी फिल्म के कई डॉयलॉग पेश कर खूब तालियां बटौरी। इस मौके पर सेक्टर-15 के पार्षद सौरभ जोशी,डा.एससी गुप्ता, प्रो.टंकेश्वर कुमार और केमिस्ट्री कोचिंग सेंटर डायरेक्टर डा.संगीता खन्ना सहित काफी संख्या में स्टूडेंट और अभिभावक मौजूद थे।
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मुझे तो कोई मकान नहीं दे रहा
किरण खेर से जब एक स्टूडेंट ने शहर में ही बसने का सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें तो कई किराये पर भी मकान देने को तैयार नहीं है, मजाकिया लहजे में खेर ने कहा कि लोग समझते हैं कहीं मेडम मकान पर ही कब्जा नहीं कर लें।

इतना कहते ही कार्यक्रम में मौजूद डा.एससी गुप्ता सहित कई लोगों ने अपना घर देने का ऑफर दिया। खेर ने बताया कि 15 अगस्त से सितंबर वह शहर में ही रहेंगी और लोगों की समस्याओं को सुनेंगे।

पीजीआई में भी शुरू करो एमबीबीएस कोर्स
सम्मान समारोह में एक डॉक्टर अभिभावक ने किरण खेर से कहा कि अगर सांसद कोशिश करे तो पीजीआई में भी 200 एमबीबीएस सीटों पर कोर्स शुरू किया जा सकता है। इसके लिए अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं है। वह इस मुद्दे को जरुर केंद्र तक लेकर जाएंगी।
 
आपके ऑटोग्राफ को डिग्री के साथ लगाउंगी
एमबीबीएस मेरिट लिस्ट में आने पर छात्राएं काफी भावुक हो गई। कई छात्राओं ने किरण खेर के ऑटोग्राफ भी लिए। एक छात्रा ने कहा कि किरण मेडम की वजह से ही उन्हें दाखिला मिल पाएगा। उन्होंने खेर से ऑटोग्राफ लेते हुए कहा कि वह उसे 5 साल बाद एमबीबीएस डिग्री के साथ लेमिनेट करावांएगी।

जनरल कैटेगरी में 45वें स्थान पर रही गगनप्रीत कौर ने कहा कि सीटें बढ़वाने के लिए कई बार दिल्ली के चक्कर लगाने पड़े। उन्होंने कहा कि इस अभियान में किरण मेडम ने हमारा पूरा साथ दिया।

जनरल कैटेगरी में 47वें स्थान पर किशमिता ने कहा कि 50 सीटें कम होने पर वह डिप्रेशन में चल रही थी। उसने किसी अन्य मेडिकल कालेज में भी एडमिशन नहीं लिया। 59 वें रैंक की रिदिमा ने कहा कि अगर किरण खेर मदद नहीं करती तो सीटें बढ़ना आसान नहीं था।
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