चंडीगढ़। शहर में वीकेंड कर्फ्यू लगाने के आदेश शुक्रवार देर शाम जारी किए गए, जिसकी वजह से लोगों में असमंजस की स्थिति रही। शनिवार सुबह विभिन्न इलाकों में कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोल लीं, जिन्हें फिर पुलिस ने पहुंचकर बंद कराया। सड़कों पर भी आवाजाही जारी रही, लेकिन अधिकारियों का कहना था कि लोग सिर्फ जरूरी काम के लिए ही घर से निकले थे।
शनिवार और रविवार का कर्फ्यू पूरे ट्राइसिटी में लगाया गया है। बावजूद इसके शहर की सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही दिखी। हालांकि, आम दिनों के मुकाबले काफी कम थी। सेक्टर-20, 21, 22, 23, 24, 27, 29, 30 आदि सेक्टरों की सभी अंदरूनी मार्केट में दुकानें पूरी तरह से बंद थीं। यहां पर सिर्फ फूड, ग्रॉसरी, फल-सब्जी, डेयरी, मिल्क बूथ, मीट एंड फिश, केमिस्ट शॉप्स आदि ही खुली थी। हालांकि, प्रशासन ने इन दुकानों पर सिर्फ होम डिलीवरी की ही अनुमति दी थी, लेकिन बावजूद कुछ लोग अपने निजी वाहनों व पैदल यहां खरीदारी करने के लिए आते रहे। सेक्टर-17 प्लाजा में भी दुकानें बंद होने के चलते सन्नाटा पसरा रहा। चंडीगढ़ के जीरकपुर समेत अन्य बॉर्डर पर भी कोई सख्ती नहीं थी, न ही लोगों से कोई पूछताछ की जा रही थी। हालांकि, प्रशासन ने अपने आदेश में कहा था कि लोगों को शहर में आने व दूसरे राज्यों के लिए यहां से गुरजने के लिए वेरिफिकेशन के साथ बताना होगा कि वह कहां और क्यों जा रहे हैं। वीकेंड कर्फ्यू का असर सुखना लेक पर बखूबी देखने को मिला। लेक पर सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन लेक के पास सुबह कुछ लोग साइक्लिंग करते नजर आए, जिन्हें पुलिस द्वारा समझाया गया और फिर वापस भेजा गया।
बेवजह घूमने वालों पर होगी धारा 188 के तहत कार्रवाई
प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने मोहाली और पंचकूला में भी एक साथ कर्फ्यू लगाने का सुझाव दिया था, ताकि पूरी ट्राइसिटी में कर्फ्यू लग सके। मोहाली ने बुधवार को वीकेंड लॉकडाउन का एलान किया था। इसके बाद शुक्रवार को दोपहर में पंचकूला में घोषणा की गई। यह देखने के बाद यूटी प्रशासन की तरफ से देर शाम आदेश जारी कर चंडीगढ़ में भी वीकेंड कर्फ्यू का एलान कर दिया गया। पूरे ट्राइसिटी में सोमवार सुबह 5 बजे के बाद ही गैर-अनिवार्य कार्य हो सकेंगे। चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि कर्फ्यू के आदेश का उल्लंघन करने वालों पर आपदा प्रबंधन कानून 2005 की धारा 51 से 60 और आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।