फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा में आफत की बारिश से तीन की मौत, अंबाला में बाढ़ जैसे हालात, कंट्रोल रूम स्थापित

Tue, 16 Jul 2019 12:06 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
विज्ञापन
हरियाणा में उफान पर नदियां - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हरियाणा के यमुनानगर में चार दिन से चल रही भारी बारिश के दौरान रविवार देर रात को सारण गांव में एक मकान की छत गिर गई। छत गिरने का तेज धमाका सुनकर पड़ोसी वहां पहुंचे और मलबे को हटाकर परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई है। जबकि पति-पत्नी और एक बच्चा सकुशल है। हादसा उस वक्त हुआ, जब पूरा परिवार गहरी नींद में सोया हुआ था। 

विज्ञापन


गांव सारण निवासी राजेश कुमार लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। वह न तो चल फिर सकता है और न ही उसे दिखाई देता है। रविवार रात को खाना खाकर वह अपनी पत्नी डिंपल व तीन बच्चों के साथ सो रहा था। देर रात धड़ाम के साथ कमरे की छत गिर गई और वे सभी मलबे में दब गए। धमाके की आवाज सुनकर पड़ोसी उनके घर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला। 

राजेश, उसकी पत्नी और तीन वर्षीय बेटा करण सकुशल निकाल लिए गए। लेकिन गौरव व सौरभ के ऊपर काफी मलबा गिर गया था। उनको काफी चोट लगी थी। उन्हें बेहोशी की हालत में मुलाना के अस्पताल में ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। 

विज्ञापन

बाढ़ जैसे हालात - फोटो : अमर उजाला
सरपंच कोमल रानी का कहना है कि राजेश को 100 गज का प्लॉट दिया गया था और हाल ही में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान भी बनवा दिया गया था। एक-दो दिन में उसे नए मकान में शिफ्ट होना था लेकिन उससे पहले ही हादसा हो गया। इसके अलावा पीड़ित परिवार की जो भी मदद होगी, वह भी की जाएगी।

वहीं घटना के बाद गांव में प्रशासन के किसी अधिकारी के न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। हालांकि सोमवार शाम को बच्चों के दाह संस्कार के वक्त नायब तहसीलदार रविंद्र शर्मा पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।

दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों के हवाले कर दिया गया है। - ललित कुमार, प्रभारी, थाना छप्पर 

रात के वक्त ये दर्दनाक हादसा हुआ है। घटना की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। सरकार द्वारा पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। - रविंद्र शर्मा, नायब तहसीलदार

अंबाला में 128 एमएम बारिश, शहर और गांवों में बाढ़ जैसे हालात

अंबाला में रविवार देर रात तक हुई बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नेशनल हाईवे से लेकर शहर और गांव की गलियों में जलभराव हो गया है। लगातार बारिश से खेतों में भी पानी भर गया, जिस कारण हजारों एकड़ फसल बर्बाद होने की कगार पर है। जिले में सोमवार सुबह तक करीब 128 एमएम बारिश दर्ज की गई है। 

रविवार शाम से शुरू हुई बारिश सोमवार अलसुबह तक जारी रही। मौसम विज्ञानियों के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे तक बारिश की संभावना है। दूसरी तरफ शहर के जैन कॉलेज रोड स्थित शालीमार कॉलोनी में घर से पानी निकालते समय एक युवक करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। 

वहीं साहा के संभालखा गांव निवासी युवक का नदी में नहाते समय पैर फिसल गया। इसके बाद से उसका सुराग नहीं लगा पाया है। यही नहीं अंबाला-जगाधरी हाईवे पर जलभराव से ट्रैफिक पुलिस को अंबाला की तरफ से खुड्डा को और जगाधरी की तरफ से साहा की तरफ रूट डायवर्ट करना पड़ा। जगाधरी की ओर से आने वाले लोगों को साहा से वाया शाहबाद होते हुए अंबाला आना पड़ा। 

प्रशासन के दावे हवा
जिले में बाढ़ जैसे हालत न बन पाए हैं। प्रशासन कई दिन से सभी ड्रेनों व नालों की सफाई के दावे कर रहा था। लेकिन लगातार हो रही बारिश ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी। हकीकत यह है कि प्रशासन नालों व ड्रेनों की सफाई करवाने में नाकाम रहा। यही कारण है कि बारिश में बाढ़ जैसे हालात बन गए। सोमवार देर शाम तक शहर के कई इलाकों और गांवों में पानी भरा रहा। 

शालीमार कॉलोनी में घर से निकाल रहा था पानी, करंट से मौत 
अंबाला शहर के जैन कॉलेज रोड स्थित शालीमार कॉलोनी में एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। 30 वर्षीय मृतक पुनीत कौशल एलआईसी का एजेंट का काम करता था। उनके घर में बारिश का पानी घुस गया था, जिसके बाद वह टुल्लू पंप लगाकर घर से पानी बाहर निकाल रहा था। इसी दौरान पास ही पड़े इनवर्टर से उसे करंट लग गया। हादसे के बाद उसे रविवार रात को शहर सिविल अस्पताल में लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

नहाने गया युवक नदी में डूबा
साहा के संभालखा गांव निवासी रोहित (20) सोमवार शाम अपने तीन साथियों के साथ अमरी नदी में नहाने गया था। यहां पैर फिसलने पर वह नदी में डूब गया। साथियों ने इसकी सूचना गांव में दी। गांववाले मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। अब तक उसका पता नहीं लग पाया है। गोताखोर तलाश में लगे हैं।
विज्ञापन

यह कॉलोनियां रहीं लबालब

अंबाला शहर के गांव सौंडा, वासुदेव कॉलोनी, हुडा के सेक्टर, गांव मानकपुर, डंगडैहरी, लोहगढ़, डंगेडेहरी, नारायणगढ़ रोड, मनमोहन नगर, बलदेव नगर, आसा सिंह गार्डन कॉलोनी, चंडीगढ़ रोड स्थित पावर हाउस कॉलोनी, घास मंडी, जैन कॉलेज रोड, इंको पुलिया सहित अन्य इलाकों में पानी भरा रहा। मंडौर के साथ लगती कई शहरी कालोनियों में पानी आ गया है। कालोनीवासियों का कहना है कि यह पानी गांव मंडोर से आया है और इन गांवों में साथ लगती नहरों से पानी छोड़ा गया है। 
 
बाढ़ या जलभराव की समस्या के लिए कंट्रोल रूम स्थापित

नगराधीश सुशील कुमार ने बताया कि जिले में बाढ़ या जलभराव संबंधी जानकारी के आदान-प्रदान के लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसका दूरभाष नंबर 0171-2533360 है। यह नंबर 24 घंटे कार्यरत रहेगा। कोई भी व्यक्ति जलभराव या बाढ़ संबंधी सूचना इस नंबर पर दे सकता है।

नारायणगढ़ में अलग से कंट्रोल रूम स्थापित
एसडीएम नारायणगढ़ अदिति ने बताया कि जल भराव की स्थिति में लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए नारायणगढ़ तहसील में भी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसका दूरभाष नंबर 01734-284002 है। इस नंबर पर फोन करके जल भराव व बाढ़ संबंधी जानकारी दी जा सकती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें