बहल और सिवानी मंडी क्षेत्रों में फसलों का मुआयना करने पहुंचे कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल ने कहा कि यह नुकसान किसानों का नहीं हुआ है, प्रदेश सरकार का है। जिन किसानों ने फसलों का बीमा योजना के तहत करवाया है, उनको क्लेम बीमा कंपनी देगी और जिन किसानों ने बीमा नहीं करवाया है, उनको मुआवजा प्रदेश सरकार देगी।
छह साल बाद हुई ऐसी ओलावृष्टि
किसान बताते हैं कि इससे पहले 2014 में भारी ओलावृष्टि हुई थी, जिससे फसलें तबाह हो गई थीं। इस बार भी लगातार दो दिन हुई ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी मौसम ऐसा ही रहेगा। सात मार्च को मौसम साफ होने की संभावना है।
कहां कितनी बारिश (एमएम में)
- शहर बुधवार गुरुवार
- हिसार- 9 4.3
- नारनौल 4 24
- भिवानी 2.7 10
- रोहतक 31.4 5.5
- करनाल 23
- सिरसा 11
- फतेहाबाद 9
- कुरुक्षेत्र 2.5
पूरे हरियाणा में 6.9 एमएम बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को पूरे हरियाणा में 6.9 एमएम औसत बारिश हुई, जबकि पांच मार्च को सामान्य रूप से 0.6 बारिश होती है। इस तरह देखा जाए तो प्रदेश में 1053 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। वैसे एक मार्च से लेकर पांच मार्च तक पूरे हरियाणा में 14.8 एमएम बारिश हो चुकी है। इस दौरान आम तौर पर 2.7 एमएम बारिश ही होती है। ऐसे में इस समय 447 प्रतिशत अधिक बारिश लगभग तैयार फसलों के लिए नुकसानदेह है।