पंजाब सरकार पहले ही हाईकोर्ट में दायर अपील में कह चुकी है कि कैट के इस फैसले के चलते डीजीपी पद पर दिनकर गुप्ता की नियुक्ति रद्द होने से राज्य में यह पद रिक्त हो गया है। पंजाब बॉर्डर राज्य है, जिसकी पाकिस्तान से 553 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। पाकिस्तान से आतंकवाद, तस्करी और ड्रग्स का खतरा बना रहता है, ऐसे में पुलिस को बिना मुखिया के नहीं छोड़ा जा सकता। सरकार ने कहा था कि पंजाब पुलिस बिना डीजीपी के इन समस्याओं से निपट नहीं सकती। ऐसे में कैट का फैसला सही नहीं है।
कैट ने नियुक्ति की थी रद्द
डीजीपी के पद पर दिनकर गुप्ता की गत वर्ष 7 फरवरी को नियुक्ति की गई थी। जिसे पंजाब की एंटी ड्रग स्पेशल टास्क फोर्स के डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और पीएसपीसीएल के डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने कैट में चुनौती दी थी। कैट ने 17 जनवरी को दोनों की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए डीजीपी के पद पर दिनकर गुप्ता की नियुक्ति को अवैध करार दिया था। कैट के इसी फैसले को पंजाब सरकार और दिनकर गुप्ता ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर चुनौती दी है।