हाउस टैक्स के बोझ के बाद अब आने वाले समय में लोगों को पानी भी महंगा मिलेगा। नगर निगम पानी की दरें बढ़ाने की योजना बना रहा है।
इसके लिए एक कमेटी बनाई जाएगी जो नई दरें तय करेगी। खास बात ये है कि महंगी दरों पर पानी केवल उन्हीं को मिलेगा, जिनकी खपत तय सीमा से ज्यादा होगी। कमेटी में पानी की खपत के लिए एक सीमा भी निर्धारित की जाएगी। शहर में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए ये प्रयास किया जा रहा है।
सोमवार को निगम सदन की बैठक में पानी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इस दौरान कमिश्नर वीपी सिंह ने कहा कि शहर में लोगों को पानी सब्सिडी पर मिल रहा है।
कमिश्नर ने बताया कि इस समय शहर में प्रति व्यक्ति 250 लीटर प्रतिदिन पानी मिल रहा है, जबकि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन(डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक एक आदमी को एक दिन में 150 लीटर पानी की जरूरत होती है।
कमिश्नर ने बताया कि सालभर में निगम के 20 करोड़ रुपये पानी की सब्सिडी पर ही खर्च होतेे हैं, लेकिन इसका फायदा आम जनता की बजाय उन लोगों को हो रहा है, जिनकी पानी की खपत काफी ज्यादा होती है। अगर पानी की दरें महंगी होगी तो पानी की बर्बादी को भी काफी हद तक रोका जा सकेगा।
जून तक पूरा होगा ट्यूबवेल का काम
पूर्व मेयर सुभाष चावला ने अफसरों से पानी की कमी को दूर करने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर जवाब मांगा। इस पर चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने कहा कि शहर में 38 नए ट्यूबवेल लगाए जा रहे हैं। इनमें से 11 की बोरिंग हो चुकी है, जबकि बाकी पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि जून महीने के अंत तक सभी ट्यूबवेल लग जाएंगे।