बस्ती तक पहुंचा नदी का पानी
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शुक्रवार को मल्लेवाला व सहारणी के मध्य छोटे बांध टूटने की सूचना पाकर बडागुढ़ा के बीडीपीओ वेदपाल सिंह और डीएसपी नर सिंह ने तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा नेजाडेला खुर्द, बुढाभाणा व सहारणी के निकट कमजोर तटबंधों को जेसीबी की सहायता से मजबूत किया जा रहा है।
वहीं पंचायतों व ग्रामीणों द्वारा भी प्रशासन को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। मौके पर मौजूद ग्राम सचिव प्रवीण कुमार ने बताया कि गांव रंगा के निकट पानी खतरे के निशान पर है। उन्होंने कहा कि अगर जलस्तर बढ़ा तो तटबंध टूट सकता है। लेकिन प्रशासन की इस पर लगातार नजर है। बीडीपीओ वेदपाल सिंह ने बताया कि मल्लेवाला के निकट घग्गर का पानी तटबंधों को छू गया है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।
ऐलनाबाद में आरजी पूल डूबे
घग्गर का जलस्तर लागतार बढ़ता जा रहा है, पिछले 10 घंटों में इसमें करीब 5 फुट तक बढ़ोतरी हुई है। जिससे आस-पास के किसानों व आम लोगों में चिंता बढ़ने लगी है । उधर प्रशासन व सिंचाई विभाग द्वारा प्रबंधन कार्य तेज कर दिए है।
घग्घर के किनारे बसे गांवों के कोमल सिंह, भूपेन्द्र सिंह, ठाकुर सिंह, सुखदेव सिंह, रिछपाल सिंह, बलविन्द्र सिंह, गुरभेज सिंह ने बताया कि वे लोग सुबह से निरंतर बढ़ रहे पानी को देख रहे हैं । नदी का पानी इस कदर तेज है कि गत 10 घंटों में करीब 5 फुट तक जलस्तर बढ़ा है। जैसे -जैसे पानी बढ़ रहा है, उन लोगों की चिंता भी बढ़ रही है।
कई गांवों का आपस में रास्ता टूटा
पानी का जलस्तर बढ़ने से घग्गर के दोनों ओर बसे गांवों का आपस में संपर्क टूट चुका है। सभी गांवों द्वारा घग्गर पार करने के लिए बनाए गए आरजी पूल डूब चुके हैं। ग्रामीणों को आने-जाने के लिए कई किलोमीटर दूर से होकर आवागमन करना पड़ रहा है ।
ये रहा जल स्तर
ओटू हेड, 11003
गुहला चीका, 46655
घग्गर के तटबंध सुरक्षित है। घग्गर नदी में खेती करने वाले किसानों ने रिंग बांध बनाए थे, वे डूबे हैं। मुख्य तटबंध सुरक्षित है। स्थिति कंट्रोली में है।
एनके भोला, कार्यकारी अभियंता, घग्गर ब्रांच।
पंजाब के संगरूर के गांव फुल्लड़ के पास घग्गर नदी के तटबंध का 60 फुट हिस्सा बह गया। इसे प्रशासन 36 घंटे का समय बीतने के बाद भी भरने में नाकाम रहा। इससे करीब तीन हजार एकड़ धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। घग्गर दरिया का पानी खतरे के निशान के पास ही चल रहा है जिससे आसपास के कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
वही पटियाला के पातड़ां स्थित शुतराणा में भी घग्गर में कई जगह बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। गौरतलब है कि गुरुवार सुबह संगरूर के गांव फुल्लड़ के पास घग्गर नदी का तटबंध बह गया था।
सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग इसे पाटने में प्रशासन का सहयोग दे रहे हैं। प्रशासन की तरफ से दरार भरने के लिए एनडीआरएफ और आर्मी की सहायता ली गई। पानी का तेज बहाव बाधा बना हुआ है। किश्तियों से बोरियां ले जाकर तटबंध को बांधने की कोशिश की जा रही है।
किसानों को मुआवजा दिया जाएगा : कांगड़
सिंचाई मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ शुक्रवार को तटबंध भरने के कार्य का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उन्हें राज्य सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा। एसडीएम मूनक सूबा सिंह ने कहा कि तटबंध भरने के लिए एनडीआरएफ और आर्मी के साथ-साथ किसान जुटे हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इसे भर दिया जाएगा।