चंडीगढ़ में वार्डों का बढ़ना अब लगभग नामुमकिन ही है। यू.टी. कमिश्नर ने साफ कर दिया है कि 26 वार्डों के साथ ही नगर निगम चुनाव होंगे। जी हां, यू.टी. के स्टेट एलेकरशन कमिश्नर राकेश मेहता ने कहा है कि हमने नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है और ऐसे में अब वार्डों की संख्या को बढ़ाए जाने अब संभव नहीं है। अब साल 2011 की मतगणना के आधार पर चुनाव केवल 26 वार्डों के लिए ही चुनाव होंगे।
वार्डों को बढ़ाए जाने का मतलब है कि इसके लिए और कम से कम 6 माह चाहिए, क्योंकि यह बहुत लंबा प्रोसैस है। कुछ जनरल वार्डों को आरक्षित वार्डों में तबदील किए जाने का काम इसी माह किया जाएगा। उधर, भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के नेता चाहते थे कि वार्डों की संख्या 26 से बढ़ाकर 31 की जाए लेकिन फिलहाल उनकी इरादों पर पानी ही फिरता दिखाई दे रहा है।
भाजपा चाहती थी कि वार्डों की संख्या 26 से बढ़ाकर 31 की जाए
नगर निगम, चंडीगढ़
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हालांकि भाजपा को अभी भी उम्मीद है कि वार्डों की संख्या में बढ़ौतरी हो सकती है, क्योंकि इस संबंध में अंतिम फैसला एडमिनिस्ट्रेटर ने लेना है। भाजपा के एक नेता के अनुसार वार्डों की संख्या 26 से 31 हो सकती है और इस संबंध में प्रशासन के अधिकारियों ने प्रशासक को प्रैजैंटेशन भी दे दी है। वहीं कांग्रेस के प्रधान प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि हम भी उपायुक्त से मिलकर उनसे धनास और मौलीजागरां की पुनर्वासित कालोनी को निगम के अंतर्गत लाने को कह चुके हैं परंतु अभी तक उसमें भी कुछ नहीं हुआ है।
जनरल वार्ड जो हो सकते हैं एस.सी. वाडर्स
सूत्रों के अनुसार इनमें मेयर अरुण सूद का वार्ड नंबर 8, एस.ए.डी. के पार्षद व डिप्टी मेयर हरदीप सिंह का वार्ड नंबर 10, भाजपा पार्षद सङ्क्षतद्र सिंह का वार्ड नंबर 18, निर्दलीय पार्षद गुरचरण दास काला का वार्ड नंबर 26 तथा भाजपा पार्षद देश राज गुप्ता का वार्ड नंबर 25 रिजर्व वार्ड हो सकते हैं और इन वार्डों में एस.सी. जनसंख्या बढ़ गई है। इन वार्डों में से 2 वार्ड एस.सी. महिला के लिए रिजर्व हो सकते हैं।