घरबार छोड़ परिजनों का पालन पोषण और कमाई के लिए धौलेड़ा आए लोगों को यह मालूम नहीं था कि यही कमाई एक दिन उनका काल बन जाएगी। धौलेड़ा में हुए हादसे में अधिकतर मरने वाले लोग मूल रूप से राजस्थान के किशनगढ़, अजमेर, कोटा, झालवाड़ा और चितौड़गढ़ के रहने वाले हैं। अधिकतर भाट जाति के ये लोग करीब 15 साल पहले मेहनत मजदूरी करने के लिए धौलेड़ा आ गए थे।
काम अच्छा चल रहा था, हादसा अचानक हो गया
मूल रूप से तहसील सरवाड़ अजमेर निवासी बिंजा ने बताया कि काम की तलाश के लिए उनके परिजन हरियाणा में 20 साल पहले आए थे। धौलेड़ा में क्रेशर जोन पर वे वर्षों से मजदूरी का काम कर रहे हैं। धौलेड़ा गांव में वहां से बहुत ज्यादा लोग यहां आकर रह रहे हैं। मृतकों में से कई लोग उनके साथी हैं।
वहीं कोटा निवासी संजू ने बताया कि वे काम की तलाश में यहां-वहां जाते रहते हैं। यहां सब अच्छा चल रहा था, कई दिनों से काम जमा हुआ था, उन्हें क्या मालूम था कि ऐसा भी होगा। इनके अलावा मृतकों व घायलों में अधिकतर लोग राजस्थान के विभिन्न जिलों से यहां मजदूरी करने आए थे।