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पीजीआई में ऑपरेशन के लिए की गई यह व्यवस्था.. जानने के लिए पढ़े

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चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने पर प्रशासन ने स्कूल, मॉल, रेस्टोरेंट, बाजार सब कुछ खोल दिया है, लेकिन अस्पतालों में लगी पाबंदी अब भी धीरे-धीरे हटाई जा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी पीजीआई में सर्जरी का इंतजार कर रहे मरीजों को उठानी पड़ रही है। बता दें कि जिन मरीजों को 2020 में सर्जरी की डेट मिली थी, वे कोविड के कारण अब तक इंतजार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, जिन मरीजों को दोबारा बुलाया जा रहा है, उन्हें भी तत्काल इलाज देने की बजाय दूसरी लंबी डेट दे दी जा रही है। इससे मरीज और उनके परिजन परेशान हैं।
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केस-1
कॉलोनी नंबर 4 निवासी नारायण प्रसाद ने जनवरी 2020 में पीजीआई के एडवांस आई सेंटर में इलाज कराया था। उस समय डॉक्टर ने चेकअप कर मार्च में ऑपरेशन करने की तारीख दी थी, लेकिन उसके बाद कोविड के कारण ओपीडी और अन्य सेवाएं बंद होने से नारायण प्रसाद की आंखों का ऑपरेशन टल गया। धीरे-धीरे व्यवस्था सुधरी तो उन्होंने कुछ दिन पहले फिर जाकर ऑपरेशन के लिए डॉक्टर से बात की, लेकिन इस बार भी उन्हें अगली तारीख दे दी गई है। नारायण प्रसाद ने बताया कि 18 मई की तारीख मिली है।
केस-2
किशनगढ़ के परंतप कुमार के गॉल ब्लेडर में पथरी है। फरवरी 2020 में अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने पीजीआई में दिखाया तो पता चला कि उन्हें 4 साल पुरानी पथरी है। जल्द से जल्द ऑपरेशन करना होगा, लेकिन इन्हें भी कोविड के कारण समय पर इलाज नहीं मिल पाया। तमाम प्रयास के बावजूद परंतप अब तक ऑपरेशन करवाने के लिए पीजीआई के चक्कर काट रहे हैं। दो हफ्ते पहले उन्हें भी जुलाई की तारीख मिली है। परंतप का कहना है कि प्रतीक्षा सूची में उनकी तरह 600 से ज्यादा मरीज ऑपरेशन का इंतजार कर रहे हैं।
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मेन ओटी अब भी है बंद
पीजीआई के कर्मचारियों का कहना है कि नेहरू अस्पताल स्थित मेन ओटी अभी पूरी तरह से नहीं खोली गई है। इससे सर्जरी के मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि पैथोलॉजी, एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे की सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं, सर्जरी संबंधी मरीजों को इलाज के बजाय कई महीनों बाद की तारीख दी जा रही है।
कॉर्डियक सेंटर में सेवाएं निर्बाध जारीं
पीजीआई के एडवांस कार्डियक सेंटर में कोविड के दौरान इलाज जारी रहा। मौजूदा समय में सेंटर के कैथ लैब में प्रतिदिन 20 से 25 हृदय रोगियों की सफलतापूर्वक सर्जरी की जा रही है। वहीं, लीवर, पथरी, आंख, हड्डी, ईएनटी, प्लास्टिक सर्जरी के मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है।
2019 की तुलना में आधी हुई सर्जरी
कोविड के कारण पीजीआई में पिछले साल की तुलना में माइनर और मेजर दोनों तरह की सर्जरी की संख्या आधे से कम पर पहुंच गई है। 2019 में पीजीआई में 51221 मेजर और 214055 माइनर ऑपरेशन किए गए थे, जबकि 2020 में इसकी संख्या क्रमश: 27950 और 52693 तक ही सीमित रही। अभी हजारों मरीज इंतजार में हैं।
कोट-
संक्रमण के डर से चिकित्सकीय सेवाएं धीरे-धीरे बहाल की जा रही है। जहां तक सर्जरी कम होने की बात है तो संक्रमण से बचाव के मानकों का पालन करते हुए मरीजों को हर संभव समय पर इलाज मुहैया कराने का प्रयास जारी है। इसके साथ ही पीजीआई में अन्य प्रदेशों के रेफर मरीजों का दबाव भी ज्यादा होता है।
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-प्रो. जगतराम, पीजीआई निदेशक
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