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चंडीगढ़ः जीएमएसएच16 में अल्ट्रासाउंड कराना है तो दो महीने करना होगा इंतजार, मरीज परेशान

Sat, 15 Feb 2020 12:24 PM IST
खुशबू गोयल वीणा तिवारी, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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चंडीगढ़ जीएमएसएच-16 के रेडियोलॉजी विभाग में प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड कराने आने वाले दर्जनों मरीजों को दो से ढाई महीने बाद की डेट दी जा रही है। ऐसी स्थिति में मरीज सरकारी अस्पताल की नि:शुल्क सेवा का लाभ लेने से वंचित रह जा रहे हैं और मजबूरी में उन्हें निजी जांच केन्द्रों पर 500 से 800 रुपये खर्च कर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है।]
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इस संबंध में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि प्रतिदिन 40 मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। विभाग में चार रेडियोलॉजिस्ट तैनात हैं, जिनके जिम्मे अल्ट्रासाउंड के साथ ही एक्स-रे की रिपोर्टिंग का भी भार है। वे ऑन कॉल अन्य सेंटरों पर भी सेवा दे रहे हैं। जननी सुरक्षा और इमरजेंसी के मरीजों को तत्काल सेवा दी जा रही है।

ओपीडी के रूटीन मरीजों को भी उनकी बीमारी के स्थिति के अनुसार नजदीक की डेट दी जा रही है। यूनिट में अल्ट्रासाउंड की तीन मशीनें हैं।
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केस-1: पंचकूला निवासी संदीप बत्रा (34) को बीते तीन महीने से पेट दर्द की शिकायत थी। वह बीते बुधवार को इलाज कराने जीएमएसएच सेक्टर-16 पहुंचे। ओपीडी में देखने के बाद डॉक्टर ने पथरी की आशंका जताते हुए उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। संदीप अपना कार्ड लेकर हॉस्पिटल के रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में पहुंचे। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए काउंटर पर कार्ड दिखाया तो जवाब मिला दो महीने बाद की डेट है। यह सुनकर संदीप चौंक गए। जल्दी करने को कहा तो कहा गया कि फिर किसी निजी लैब से अल्ट्रासाउंड करा लो। इसके बाद संदीप ने 800 रुपये खर्च कर निजी लैब से अल्ट्रासाउंड कराया।

केस-2: सेक्टर-9 निवासी हरजिंदर कौर को हिस्ट्रैक्टमी कराना था। वह भी बीते वीरवार को ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के बाद अल्ट्रासाउंड कराने जीएमएसएच-16 के रेडियोलॉजी विभाग में पहुंची। उन्हें भी दो महीने बाद की डेट होने की बात कही गई। कारण पूछा तो जवाब मिला आप रूटीन वाले मरीज हैं। आपको तत्काल जांच की सुविधा नहीं भी मिली तो कोई नुकसान नहीं होगा, इसलिए टेस्ट के लिए कम से कम दो महीने का इंतजार करना होगा।
 
मरीजों का दबाव दिनोंदिन बढ़ रहा है। ऐसे में विशेषज्ञों की संख्या सीमित होने के कारण इस तरह की स्थिति उत्पन्न हो रही है। हमारे रेडियोलॉजी के विशेषज्ञों पर जीएमएसएच के साथ ही हेल्थ डिपार्टमेंट के अन्य सेंटरों की भी जिम्मेदारी है।
- डॉ. वीके नागपाल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमएसएच-16
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