चंडीगढ़ की बदहाल सड़कों की वजह से यूटी प्रशासन की काफी किरकिरी हुई है। अमर उजाला बीते कई महीनों से इस समस्या को प्रमुखता से उठा रहा है। बावजूद इसके अधिकारी नहीं चेते। मामला जब दिल्ली पहुंचा तो वहां से यूटी प्रशासन को कड़ी फटकार मिली। इसके बाद एडवाइजर मनोज परिदा ने प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को साफ-साफ कहा है कि सड़कों की मरम्मत का काम शनिवार से युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाए।
प्रशासन और नगर निगम अपनी-अपनी सात सबसे खराब सड़कों को पहले बनाएं। इसके साथ ही इसकी रिपोर्ट फोटो के साथ प्रस्तुत करें। प्रशासन को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के बाद केंद्र सरकार से भी फटकार पड़ी है, इसलिए शुक्रवार को एडवाइजर मनोज परिदा ने यूटी के इंजीनियरिंग विभाग और नगर निगम के कमिश्नर केके यादव को शनिवार से शहर की सबसे बदहाल 7 सड़कों की रिपेयरिंग का काम युद्ध स्तर पर शुरू करने के आदेश दिए हैं।
एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि मौसम बदल चुका है। नगर निगम को आदेश दिया गया है कि जल्द से जल्द टूटी सड़कों का काम निपटाया जाए। करीब एक दर्जन सड़कों का निर्माण दो दिन में ही शुरू हो जाएगा। नगर निगम और इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिया गया है कि जल्द से जल्द सड़कों का निर्माण कर इसके फोटो व वीडियो भी उच्चाधिकारियों के पास डॉ.ले जाएं ताकि रोजाना काम की मॉनीटरिंग हो सके।
सड़कों के इमरजेंसी टेंडर
सात जगह की सड़कों के इमरजेंसी टेंडर लगाए गए हैं। बीते मानसून सीजन के बाद से शहर की सड़कों की हालत खराब है। जगह जगह सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढ़े बने हुए हैं। बरसात के बाद समय पर न तो इंजीनियरिंग विभाग और न ही नगर निगम ने अपनी सड़कों को ठीक किया। हालात यह हो गए कि चंडीगढ़ की सड़कों के वर्ष 2020 तक आते आते हालात खराब हो गए। सड़कें इस वक्त पूरी तरह टूटी पड़ी हैं। इतने बड़े बड़े गड्ढे कई जगह हैं कि यहां से दोपहिया वाहन तो क्या, गाड़ियां तक निकालना मुश्किल हो गया है। सड़कों की हालत को लेकर शहर के बहुत से लोगों ने केंद्र सरकार तक शिकायतें पहुंचा दीं।