वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तानी क्षेत्र में रविवार को हुए शक्तिशाली आत्मघाती हमले का निशाना रिट्रीट सेरेमनी थी, लेकिन सुरक्षा के कड़े इंतजाम के कारण हमलावर लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका और रास्ते में ही विस्फोट कर खुद को उड़ा दिया। माना जा रहा है कि इस आतंकी साजिश के पीछे का मकसद भारत-पाक रिश्तों में तनाव और अविश्वास को बढ़ाना ही था।
पाकिस्तानी खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि हमलावर ग्राउंड जीरो को निशाना बनाने वाला था। ग्राउंड जीरो पर भारत और पाकिस्तान के सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी एक साथ इकट्ठा होकर हर रोज शाम में रिट्रीट सेरेमनी यानी ध्वज उतारने की रस्म को पूरा करते हैं। इसके बाद यहां परेड का भी आयोजन होता है।
इस कार्यक्रम को देखने के लिए दोनों देश से हजारों लोग यहां इकट्ठा होते हैं। अधिकारी ने बताया कि कड़ी सुरक्षा के कारण हमलावर अंतिम गेट तक नहीं पहुंच पाया। अगर वह यहां तक पहुंचने में सफल हो जाता तो सीमा के दोनों तरफ स्थिति बेहद भयानक होती।
एक अन्य सूत्र ने बताया कि विस्फोट स्थल के पास एक दूसरा आत्मघाती जैकेट बरामद हुआ है जिससे पता चलता है कि एक और आत्मघाती हमलावर मौजूद रहा होगा।
पाक का श्रद्धालुओं की सुरक्षा का पूरा भरोसा
पाकिस्तान ने वाघा बार्डर की घटना के बाद मंगलवार को गुरुनानक जयंती पर तीन दिवसीय समारोह में शामिल होने लाहौर जा रहे दो हजार से अधिक भारतीय सिख श्रद्धालुओं की पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।
शरणार्थी ट्रस्ट संपत्ति बोर्ड (ईटीपीबी) के चेयरमैन सिद्दिकुल फारूक ने कहा है कि वाघा रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि वाघा बार्डर जैसी घटना किसी भी सूरत में दोबारा नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से वाघा घटना के बाद इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान श्रद्धालु अन्य धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण कर सकेंगे।
सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक के जन्म दिवस पर तीन दिवसीय समारोह का आयोजन लाहौर में किया गया है। शेड्यूल के मुताबिक 2000 से अधिक सिख श्रद्धालु वाघा बार्डर के रास्ते मंगलवार को लाहौर पहुंचेंगे।
15 हजार लोगों में भगदढ़ मचती
वाघा सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी के तत्काल बाद पाक इलाके में हुए धमाके ने भारतीय सुरक्षा बलों की नींद भी उड़ा दी है। बीएसएफ अधिकारियों का मानना है कि सेरेमनी के दौरान अगर यह धमाका होता तो वहां मौजूद 15 हजार से ज्यादा भारतीय दर्शकों में भी भगदड़ मच सकती थी।
सुरक्षा बल के अफसरों ने बताया कि रविवार होने की वजह से रिट्रीट सेरेमनी देखने आए लोगों की संख्या आम दिनों से बहुत ज्यादा थी। राहत की बात यह थी कि शाम करीब 6.15 बजे हुए विस्फोट के समय इस तरफ के अधिकतर दर्शक निकल चुके थे।
यही वजह है कि भारतीय इलाके में कोई बड़ा हादसा होने से टल गया। ब्लास्ट के बाद भारतीय सुरक्षा और गुप्तचर एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
वाघा पर रेड अलर्ट, भारतीय सेना तैनात
वाघा सीमा अटारी पर रविवार को पाकिस्तान की तरफ हुए धमाके की घटना के बाद भारतीय क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बीएसएफ के साथ ही सेना ने सुरक्षा की कमान संभाल ली है। बीएसएफ ने अटारी बार्डर के साथ-साथ वाघा सीमा और रिट्रीट सेरेमनी के स्थान पर सुरक्षा ढांचा और मजबूत बना दिया है।
वहीं, रिट्रीट सेरेमनी की तरफ जाने वाले रास्ते पर पंजाब पुलिस भी तैनात कर दी गई है। घटना के बाद अटारी बार्डर पर बड़ी संख्या में बीएसएफ के सिपाही तैनात कर दिए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर सेना को भी तैनात कर दिया गया है।
बीएसएफ के डीआईजी आरपीएस जायसवाल का कहना है कि पाकिस्तान की तरफ रिट्रीट सेरेमनी खत्म होने के बाद अचानक हुए धमाके के बाद ही सीमा क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
घटना चाहे पाकिस्तान के क्षेत्र में हुई है, लेकिन भारत की तरफ भी सुरक्षा को मजबूत कर दिया गया है। सोमवार से पर्यटकों की गतिविधियों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।