कांग्रेस विधायक रात को दिल्ली में रुके हैं। वे सुबह ही विमान से चंडीगढ़ पहुंचेंगे और मतदान से पहले हुड्डा के आवास जाएंगे। कांग्रेस के चुनाव पर्यवेक्षक सीएम भूपेश बघेल चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं। वह होटल ताज में रुके हैं। उन्होंने अपने साथी पर्यवेक्षक राजीव शुक्ला और हुड्डा के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस आलाकमान की नाराज विधायक कुलदीप बिश्नोई से भी बात हो चुकी है। उनसे माकन को वोट का आग्रह किया गया है।
ये है अंक गणित
- भाजपा: 40 विधायक हैं। 31 विधायक पहली प्राथमिकता के तौर पर कृष्ण लाल पंवार को वोट करेंगे। उसके साथ ही उनकी जीत सुनिश्चित हो जाएगी। भाजपा ने तय कर दिया है कि कौन 31 विधायक पंवार व कौन नौ विधायक कार्तिकेय को वोट डालेंगे।
- कांग्रेस: 31 विधायक हैं। सभी अजय माकन को पहली प्राथमिकता के तौर पर वोट देते हैं तो उनका जीतना तय है। अगर भीतरघात होता है या वोट रद्द होता है तो माकन की जीत का समीकरण गड़बड़ा जाएगा। जीत के लिए 30 वोट चाहिए।
- निर्दलीय: कार्तिकेय शर्मा को 9 भाजपा विधायक, 10 जजपा विधायक, छह निर्दलीय, एक इनेलो, एक हलोपा विधायक पहली प्राथमिकता के तौर पर वोट करेंगे। उनके वोट की संख्या 27 बन रही है। विधायक कुंडू का वोट बेहद अहम है। इस पर सबकी निगाहें हैं। कुंडू साथ आते हैं तो भी कार्तिकेय को जीत के लिए दो वोट कांग्रेस के तोड़ने होंगे।
कुंडू के घर पहुंचे विनोद और कार्तिकेय
कार्तिकेय व उनके पिता विनोद शर्मा ने गुरुवार शाम बलराज कुंडू के घर पहुंचकर वोट मांगा। कुंडू ने कहा कि वह मतदान के लिए जाते वक्त ही बताएंगे कि किसे वोट देंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल नहीं चाहते कि निर्दलीय उम्मीदवार जीतें। उन्होंने अभी तक मुझसे वोट नहीं मांगा है। कांग्रेस की तरफ से हुड्डा व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने माकन को वोट देने का आग्रह किया है।
2016 की पुनरावृत्ति से बचना चाहेंगे हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा माकन को जिताकर 2016 के राज्यसभा चुनाव में हुए स्याही कांड की पुनरावृत्ति से बचना चाहेंगे। रायपुर पहुंचे सभी विधायकों को वोट डालने की रिहर्सल करवाई गई है। साथ ही बताया है कि ऐसी कोई गलती न करें, जिससे एक भी वोट रदद हो। डालने से पहले सिर्फ एजेंट को वोट दिखाना है। प्राथमिकता व उम्मीदवार का नाम साफ-साफ लिखें। सूत्रों के अनुसार 28 विधायकों को रायपुर में सिर्फ और सिर्फ माकन को वोट डालने की कसमें भी खिलाई गई हैं। किरण चौधरी और कुलदीप बिश्नोई रायपुर नहीं गए थे।