भाजपा के 40, जजपा के 10, कांग्रेस के 30, निर्दलीय सात व एक हलोपा विधायक हैं। दो सीट खाली हैं। भाजपा, जजपा व निर्दलीय विधायकों में बलराज कुंडू को छोड़ दिया जाए तो भी सरकार के पास विधायकों का आंकड़ा 56 बनता है। हलोपा विधायक गोपाल कांडा ने भी सरकार को समर्थन का पत्र भेजा है। ऐसे में गिनती 57 हो जाती है लेकिन कांडा मतदान के दौरान मौजूद नहीं रहेंगे। ऐसे में 56 विधायकों में कितने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करते हैं और कितने पक्ष में जाते हैं, ये देखना होगा। हालांकि, जजपा व निर्दलीय विधायकों ने साफ किया है कि वे कृषि कानूनों के तो खिलाफ हैं लेकिन अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान नहीं करेंगे। कांग्रेस को उम्मीद है कि किसानों के दबाव को देखते हुए कुछ निर्दलीय व सत्ता पक्ष के विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।
जजपा को वास्तव में ही कुर्सी प्यारी : सुरजेवाला
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने जजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि खुद को किसान हितों की पैरोकार बताने वाली दुष्यंत चौटाला की पार्टी जजपा को वास्तव में सिर्फ कुर्सी प्यारी है। पार्टी ने व्हिप जारी कर ‘अविश्वास प्रस्ताव’ का विरोध करने का फरमान जारी कर दिया है।
वोट लिया और विश्वासघात किया और सत्ता के लिए किसान हित बेच दिया। सत्तालोलुप जजपा का भाजपा भक्त और किसान विरोधी चेहरा सभी के सामने है। सभी जजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से उनकी अपील है कि वे किसान आंदोलन का साथ दें और मोदी भक्ति में लीन जजपा को तुरंत छोड़ें। कांग्रेस किसानों के साथ पूरी तरह से है और बड़े से बड़ा बलिदान करने से पीछे नहीं हटेगी।