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मनोहर लाल की परीक्षा : हरियाणा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, जानें विधानसभा का गणित

Wed, 10 Mar 2021 09:23 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • भाजपा, जजपा, कांग्रेस का विधायकों को व्हिप जारी, बुधवार को सदन में रहना होगा मौजूद
  • जननायक जनता पार्टी ने विधायकों से सरकार के पक्ष में मतदान करने का अनुरोध किया
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा विधानसभा में आज कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मतदान होगा। इसे लेकर भाजपा, जजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने विधायकों को व्हिप जारी किया है। व्हिप में सभी दलों ने विधायकों को कार्यवाही चलने से खत्म होने तक सदन में रहने को कहा है। कांग्रेस नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदेश की गठबंधन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई है।

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भाजपा, जजपा ने अपने सभी विधायकों से सरकार के पक्ष में मतदान करने का अनुरोध किया है। भाजपा की तरफ से मुख्य सचेतक कंवर पाल, जजपा की ओर से मुख्य सचेतक अमरजीत ढांडा व कांग्रेस की तरफ से मुख्य सचेतक बीबी बत्रा ने व्हिप जारी किया है।

भाजपा ने अपने विधायकों को कहा है कि सदन के नेता की अनुमति बिना कोई सदन नहीं छोड़ेगा। सदन में महत्वपूर्ण विधायी कार्य होने हैं। वोटिंग के दौरान सभी को सरकार के पक्ष में वोट करना है। जजपा ने भी अपने विधायकों को सदन न छोड़ने की हिदायत दी है, साथ ही अविश्वास प्रस्ताव के विरुद्ध वोट करने को कहा है। बत्रा ने कहा कि कोई भी विधायक नेता प्रतिपक्ष की मंजूरी के बिना सदन से बाहर नहीं जाएगा। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में सभी मतदान करेंगे। सुबह 10 बजे सभी सदन में उपस्थित हों।
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अभी 88 विधायक, सरकार को चाहिए 45 का आंकड़ा
अभी विधानसभा में 88 सदस्य हैं। अभय चौटाला के इस्तीफे से ऐलनाबाद सीट खाली हुई है। कालका के विधायक प्रदीप चौधरी को एक मामले में तीन साल की सजा होने पर अयोग्य घोषित किया गया है। इससे कालका सीट भी खाली है। ऐसे में गठबंधन सरकार को बहुमत के लिए 45 का आंकड़ा ही चाहिए।

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सहज स्थिति में सरकार, निर्दलीय भी साथ

भाजपा के 40, जजपा के 10, कांग्रेस के 30, निर्दलीय सात व एक हलोपा विधायक हैं। दो सीट खाली हैं। भाजपा, जजपा व निर्दलीय विधायकों में बलराज कुंडू को छोड़ दिया जाए तो भी सरकार के पास विधायकों का आंकड़ा 56 बनता है। हलोपा विधायक गोपाल कांडा ने भी सरकार को समर्थन का पत्र भेजा है। ऐसे में गिनती 57 हो जाती है लेकिन कांडा मतदान के दौरान मौजूद नहीं रहेंगे। ऐसे में 56 विधायकों में कितने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करते हैं और कितने पक्ष में जाते हैं, ये देखना होगा। हालांकि, जजपा व निर्दलीय विधायकों ने साफ किया है कि वे कृषि कानूनों के तो खिलाफ हैं लेकिन अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान नहीं करेंगे। कांग्रेस को उम्मीद है कि किसानों के दबाव को देखते हुए कुछ निर्दलीय व सत्ता पक्ष के विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। 

जजपा को वास्तव में ही कुर्सी प्यारी : सुरजेवाला
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने जजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि खुद को किसान हितों की पैरोकार बताने वाली दुष्यंत चौटाला की पार्टी जजपा को वास्तव में सिर्फ कुर्सी प्यारी है। पार्टी ने व्हिप जारी कर ‘अविश्वास प्रस्ताव’ का विरोध करने का फरमान जारी कर दिया है। 

वोट लिया और विश्वासघात किया और सत्ता के लिए किसान हित बेच दिया। सत्तालोलुप जजपा का भाजपा भक्त और किसान विरोधी चेहरा सभी के सामने है। सभी जजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से उनकी अपील है कि वे किसान आंदोलन का साथ दें और मोदी भक्ति में लीन जजपा को तुरंत छोड़ें। कांग्रेस किसानों के साथ पूरी तरह से है और बड़े से बड़ा बलिदान करने से पीछे नहीं हटेगी।
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