खडूर साहिब उप चुनाव में आज मतदान होगा। हालांकि आसान जीत की ओर बढ़ रहे शिरोमणि अकाली दल को कम वोटिंग की चिंता सता रही है। हलके के माहौल से मतदान कम होने की आशंका साफ नजर आ रही है।
अगर ऐसा हुआ तो कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को शिअद पर हमला बोलने का मौका मिल जाएगा। वहीं, शिअद धूमधाम से यह भी नहीं कह सकेगी कि यह विधानसभा चुनाव 2017 में जीत का आगाज है।
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के चुनाव से हटने के बाद शिअद उम्मीदवार रविंदर ब्रह्मपुरा के रास्ते में कोई रुकावट नहीं बची है। आप के बागी डॉ. सुमेल सिद्धू और कांग्रेस के बागी भूपिंदर सिंह बिट्टू समेत छह आजाद उम्मीदवार जरूर मैदान में हैं। मतदान शनिवार सुबह आठ से शाम पांच बजे तक होगा।
16 फरवरी को नतीजों का एलान किया जाएगा। हलके में 187184 वोटर हैं। कांग्रेस और आप केचुनावी मैदान में न होने के कारण किसी तरह का तनाव नहीं है। लेकिन खडूर साहिब के कुल 132 पोलिंग स्टेशन में से 31 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है।
पैरा मिलेट्री फोर्स की पंद्रह कंपनियां तैनात की गई हैं। शिअद नेता सबसे ज्यादा इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वोटरों में कहीं भी कोई उत्साह नजर नहीं आ रहा है। वीरवार को पार्टी सुप्रीमो सुखबीर बादल ने कई रैलियां कीं, पर उनमें भी भीड़ नहीं जुटी। करीब 5500 वोटरों वाले गांव मानो चाहल में सुखबीर की रैली में सिर्फ चार सौ लोग ही जुट सके।
आसपास के अन्य गांवों का भी यही हाल है। सांसद रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा भी हर मीटिंग में वर्करों को आगाह कर रहे हैं कि किसी तरह वोटिंग बढ़ाएं। हलके में उम्मीदवारों के पोस्टर व झंडियों के अलावा कोई चुनावी माहौल नहीं है। अगर मतदान कम होगा तो कांग्रेस को यह कहने का मौका मिलेगा कि लोगों ने अकालियों के खिलाफ जनादेश दिया।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मुद्दे पर कांग्रेस विधायक रमनजीत सिंह सिक्की ने इस्तीफा दिया था। अब तक सरकार ने उस मुद्दे पर कुछ नहीं किया। इसीलिए अकाली दल ने फिलहाल सारी ताकत इस बात पर झोंक दी है कि किसी तरह मतदान ज्यादा हो जाए।