पंजाब की सबसे हाई प्रोफाइल सीट बनी अमृतसर में चुनावी जंग परंपरागत पार्टियों के दो दिग्गजों के बीच सिमट गई है, पर जीत किसकी होगी, यह आम आदमी पार्टी के हाथ में लग रहा है।
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भाजपा के दिग्गज नेता अरुण जेटली और कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच इस सीट पर कड़ा मुकाबला है। लेकिन जीत की चाबी आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. दलजीत सिंह के पास है।
आप उम्मीदवार ने जिसके वोट बैंक में ज्यादा सेंध लगाई, उसे नुकसान होगा। गुरु की नगरी का सेवादार कौन बनेगा, जनता का फैसला ईवीएम में बंद हो गया है। छिटपुट घटनाओं को छोड़ कर मतदान शांतिपूर्ण रहा।
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ज्यादा नजर नहीं आए 'आप' के बूथ
अमृतसर में मतदान को लेकर खासा उत्साह था। सुबह से ही वोटरों की कतारें लग गई थीं। तपती दोपहर में भी मतदान जारी रहा, शाम को फिर रफ्तार तेज हो गई। अमृतसर में इस बार रिकार्ड वोटिंग हुई। शाम छह बजे तक 70 प्रतिशत मतदान हो चुका था और कतारें लगी हुई थीं।
जबकि, पिछली बार हलके में 65.95 प्रतिशत मतदान हुआ था। पुरुष हों या महिलाएं, युवा हों या बुजुर्ग, सभी ने बढ़-चढ़ कर मतदान में हिस्सा लिया। पर मतदाताओं की रहस्यमयी चुप्पी सियासी विश्लेषकों के लिए बड़ा राज बन गई है।
गांवों से लेकर शहरी इलाकों तक हर जगह कांग्रेस और शिअद-भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला नजर आया। ग्रामीण इलाकों में तो कहीं भी आप के पोलिंग बूथ नजर नहीं आए। शहर में भी चुनिंदा जगह ही आप के बूथ लगे थे। न ही आप का कैडर कहीं पर वोटरों को मोबिलाइज करता नजर आया।
'आप' को पढ़े हैं साइलेंट वोट
सियासी विश्लेषकों से लेकर कांग्रेस व गठबंधन के नेताओं तक का मानना है कि आप को साइलेंट वोट काफी पड़े हैं। कांग्रेस, शिअद व भाजपा का अपना परंपरागत कैडर वोट तो उन्हें मिला ही है। पर फ्लोटिंग वोट में आप ने सेंध लगाई है।
चुनाव से पहले बेशक दोनों दल कहते आ रहे थे कि आप, दूसरे के वोट बैंक को नुकसान पहुंचाएगी। पर बुधवार को मतदान के बाद दोनों ही पार्टियों ने माना कि आप ने दोनों दलों के वोट बैंक में सेंध लगाई है। हालांकि उनका दावा अब भी यही है कि ज्यादा नुकसान उनके विरोधी को हुआ है।
कांग्रेस को लग रहा है कि जो वोटर केंद्र सरकार से नाराज था, जिनमें ज्यादातर युवा वोटर हैं, वे इस बार नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट देते। पर आप की मौजूदगी से वह वोट भाजपा के बजाय आप को चला गया।
वहीं, शिअद-भाजपा मान कर चल रही है कि जो वोटर राज्य सरकार से नाराज होकर कांग्रेस के खाते में जाने वाला था, वह आप को चला गया। अब सारे अमृतसर में एक ही सवाल है कि आप को कितने वोट मिलेंगे और वह कांग्रेस या शिअद-भाजपा में से किसके वोट बैंक में ज्यादा सेंध लगाएगी।
मतदान का ऐसा रहा ट्रेंड
सुबह दस बजे - 9 फीसदी सुबह 11 बजे - 23 फीसदी दोपहर 1 बजे - 37 फीसदी दोपहर 3 बजे - 47 फीसदी शाम 5 बजे - 60 फीसदी शाम 6 बजे - 70 फीसदी
शहर से ग्रामीण इलाकों तक मतदान की रफ्तार सुबह से शाम तक तेज रही। नॉर्थ हलके नौशहरा बूथ पर सवा च्यारह बजे तक 25 फीसदी मतदान हो चुका था। मजीठा हलके में मतदान को लेकर खासा उत्साह था। यहां 11.45 से लेकर 12.25 बजे तक तीस से पचास फीसदी तक मतदान हो चुका था।
राजासांसी में मतदान की रफ्तार थोड़ी सुस्त थी। जगदेव कलां बूथ पर 12.40 बजे तक 37 फीसदी वोट ही पड़े थे। अजनाला में भी मतदान पहले चरण में काफी हुआ। यहां दोपहर सवा एक बजे तक पचास फीसदी से ज्यादा वोट पड़ चुके थे, अजनाला ब्वायज स्कूल में मतदान साठ फीसदी तक पहुंच गया था।
वाघा बॉर्डर से पहले देश के आखिरी पोलिंग बूथ सरकारी स्कूल अटारी में ढाई बजे तक 65 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। अमृतसर वेस्ट, साउथ, सेंट्रल में शाम चार बजे तक 55 फीसदी मतदान हुआ था।
ईस्ट के एवी प्रताप स्कूल बूथ पर शाम सवा पांच बजे तक 68 प्रशित वोट पड़े थे। नॉर्थ के श्री राम आश्रम बूथ और सर्कुलर रोड बूथ पर 5.30 बजे तक 72 फीसदी मतदान हो गया था, कतारें लगी हुई थीं।