चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट के ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के लिए रविवार 20 सितंबर को मतदान होगा। इस चुनाव में 15 सीटों के लिए 51 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि करीब 6.25 लाख पंजीकृत ग्रेजुएट वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान पंजाब समेत अलग-अलग राज्यों में बनाए गए बूथों पर होगा।
यह चुनाव सिर्फ यूनिवर्सिटी की सीनेट में 15 नए सदस्यों को चुनने तक सीमित नहीं माना जा रहा। लंबे समय बाद हो रहे इस चुनाव में छात्र राजनीति से जुड़े चेहरों की सक्रियता और पंजाब की राजनीति का असर भी दिखाई दे रहा है। उम्मीदवारों ने वोटरों तक पहुंच बनाने के लिए पंजाब के अलग-अलग इलाकों में प्रचार किया है। सोशल मीडिया भी इस चुनाव के प्रचार का बड़ा माध्यम बना हुआ है।
छात्र राजनीति से जुड़े चेहरों पर नजर
कैंपस में जिन नामों की ज्यादा चर्चा है, उनमें रमनप्रीत सिंह, रविंदर बिल्ला, अनिल ढुल, रिमलजोत सिंह और एडवोकेट गुरदीप सिंह शामिल हैं। इन नामों के अलावा सुखदीप सिंह सरता, अमृतपाल सिंह, रणबीर सिंह, संदीप सिकरी, अशोक गोयल, लाजवंत, मुकेश अरोड़ा, वरिंदर गिल, सिमरन ढिल्लों और जोध सिंह भी चुनावी मैदान में सक्रिय हैं।
इनमें से कई उम्मीदवारों की पहचान छात्र राजनीति, सामाजिक गतिविधियों या अलग-अलग संगठनों से जुड़ी रही है। यही वजह है कि चुनाव को लेकर कैंपस के साथ-साथ पंजाब के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी दिलचस्पी बनी हुई है।
4 साल बाद चुनाव, संघर्ष के बाद लौटी चुनावी प्रक्रिया
पीयू सीनेट चुनाव को लेकर पिछले कुछ सालों से विवाद और असमंजस रहा। चुनाव प्रक्रिया लंबे समय तक बंद रहने के बाद इसे दोबारा शुरू कराने के लिए विद्यार्थियों ने आंदोलन किया। पिछले वर्ष नवंबर में करीब 26 दिन तक संघर्ष चला। आंदोलन और विरोध के बाद सीनेट चुनाव कराने की प्रक्रिया फिर आगे बढ़ी। इसलिए इस बार का चुनाव केवल सामान्य चुनाव नहीं है।
22 सितंबर से शुरू होगी वोटों की गिनती
अब सभी की नजर मतदान पर है। 6,25,784 वोटरों वाला यह चुनाव यह तय करेगा कि सीनेट की 15 सीटों पर कौन पहुंचता है। इसके बाद चुने गए सदस्य यूनिवर्सिटी की नीतियों और प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सीनेट में भूमिका निभाएंगे। रजिस्टर्ड ग्रेजुएट कॉन्स्टिट्यूएंसी की मतगणना 23 सितंबर को सुबह 9:30 बजे से पंजाब यूनिवर्सिटी के जिम्नेजियम हॉल में होगी। वहीं एफिलिएटेड आर्ट्स कॉलेजों के हेड्स और प्रोफेसर्स, एसोसिएट प्रोफेसर्स, असिस्टेंट प्रोफेसर्स की वोटों की गिनती 22 सितंबर को होगी।
उम्मीदवारों के मुद्दे भी अलग-अलग
रमनप्रीत सिंह पीयू में शिक्षकों की कमी दूर करने और परीक्षा फीस कम करने की बात कर रहे हैं। रविंदर बिल्ला यूनिवर्सिटी से जुड़े कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को प्रमुख मुद्दा बना रहे हैं। रिमलजोत सिंह पीयू में पंजाबी भाषा और पंजाबी विरासत से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं। वहीं एडवोकेट गुरदीप सिंह यूनिवर्सिटी में हॉस्टल से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठा रहे हैं। अनिल ढुल का फोकस यूनिवर्सिटी के बजट में पारदर्शिता लाने पर है। यानी अलग-अलग उम्मीदवारों ने शिक्षा, फीस, भाषा, आरक्षण, हॉस्टल और बजट जैसे मुद्दों को अपनी प्राथमिकता बनाया है।