चंडीगढ़। जिला बार एसोसिएशन के चुनाव शुक्रवार को होंगे लेकिन नतीजों पर फिलहाल हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। दरअसल, लंबित राशि जमा न कराने की वजह से 67 वकीलों के नाम वोटर सूची में शामिल नहीं किए गए थे। इन वकीलों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में शरण लेकर चुनाव पर रोक लगाने की मांग की। वीरवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चुनाव पर तो रोक नहीं लगाई लेकिन जब तक वकीलों की याचिका पर फैसला नहीं आता, तब तक बार एसोसिएशन चुनाव के परिणामों पर रोक लगाने के निर्देश दे दिया। वहीं, याचिकाकर्ता सभी 67 वकीलों के वोट अलग से बॉक्स में डाले जाएंगे।
चुनाव में कोरोना की वजह से कई एहतियात बरते जा रहे हैं। इस बार वोट देने के बाद मतदाताओं की अंगुली पर स्याही नहीं लगाई जाएगी, क्योंकि निशान लगाने के लिए एक ही स्टिक का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में संक्रमण फैल सकता है। आशंका है कि कोरोना के चलते इस बार कम मतदान हो सकता है। प्रत्याशियों ने कहा कि अभी तक सभी वकीलों ने अदालत आना शुरू नहीं किया है, जिसका प्रभाव चुनाव पर पड़ सकता है।
मतदाताओं को घर से लेकर आना होगा पेन
इस बार भीड़ से बचने के लिए प्रत्याशियों को टेंट की सुविधा नहीं दी गई है। प्रत्याशी दोपहर के खाने की व्यवस्था नहीं कर सकते। मतदान के बाद केवल मतदाताओं का नाम नोट किया जाएगा। मतदाता को अपने बालपेन से प्रत्याशी के नाम के सामने केवल टिक लगाना होगा। सभी वकीलों के लिए बालपेन लेकर आना अनिवार्य है। जिस कमरे में चुनाव होंगे, उसमें एक समय में केवल 15 मतदाताओं को सामाजिक दूरी के साथ प्रवेश की अनुमति होगी।
किस पद पर कौन आजमा रहा अपनी किस्मत
प्रेसिडेंट : नीरज हंस, मुनीष दीवान, भाग सिंह सुहाग
वाइस प्रेसिडेंट : पलविंदर सिंह, अमृतवीर सिंह, अंकित शर्मा
ज्वाइंट सेक्रेटरी : पूजा, गुरविंदर कौर सैनी
खजांची : चंदन शर्मा, विकास कुमार
सेक्रेटरी : गगन अग्रवाल, करमजीत सिंह
कोट
सभी कोर्ट को एक जगह लाने का संकल्प
मैं पांचवीं बार चुनाव लड़ रहा हूं। हम कैट, जिला अदालत, कंज्यूमर कोर्ट सभी को एक जगह करने के मुद्दे पर आवाज उठाएंगे ताकि वकीलों को मामलों के लिए अलग-अलग जगह न जाना पड़े। इसके अलावा हम वकीलों का बीमा करने और इनकम टैक्स में कमी करने पर भी आवाज उठाएंगे।
नीरज हंस, प्रेसिडेंट पद के उम्मीदवार
युवा वकीलों को वित्तीय सुरक्षा मुख्य मुद्दा
मैं इससे पहले 2015 में वाइस प्रेसिडेंट रह चुका हूं। हमारा मुख्य मुद्दा यह है कि युवा वकीलों को वित्तीय सुरक्षा दी जाए। दुर्घटना होने पर यदि वकील की जान को कोई हानि होती है तो उनके परिवार को मुआवजा मिले। इसके साथ ही नए युवा वकीलों के लिए जमीन अलॉट की जाए ताकि वह अपने चेंबर बनाकर बैठ सकें। इन सभी मुद्दों पर हम आवाज उठाएंगे।
- मुनीष दीवान, प्रेसिडेंट पद के उम्मीदवार
कोट
अदालत में शारीरिक रूप से सुनवाई पर जोर
15 साल में पहली बार मैं चुनाव लड़ रहा हूं। इतने सालों में पहली बार में ऐसा देखा जा रहा है कि बार एसोसिएशन के चुनाव में कोई उम्मीदवार एक दूसरे के घर नहीं जा सकते। हमारा मुख्य मुद्दा अदालत में शारीरिक रूप से सुनवाई करवाने का रहेगा क्योंकि काफी समय से अदालतें बंद होने के कारण वकील आर्थिक संकट में हैं।
-भाग सिंह सुहाग, प्रेसिडेंट पद के उम्मीदवार