चंडीगढ़। प्रशासन की ओर से लोगों की सेवा में लगाए गए वालंटियर खुद को कोरोना संक्रमण से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से उन्हें पर्याप्त मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं कराए जाने से वह पुराने हो मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर का प्रयोग कर रहे हैं। प्रशासन से इन वालंटियरों ने अपना बीमा कराने और तत्काल संक्रमण रोकने के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बीते रविवार को जनता कर्फ्यू की घोषणा के बाद सोमवार को संक्रमण रोकने के लिए यूटी प्रशासन ने लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी। लॉकडाउन की विफलता के बाद यूटी प्रशासन ने सोमवार की मध्य रात्रि से शहर में कर्फ्यू की घोषणा कर दी थी। इसके बाद लोगों के घरों में राहत और जरूरी सामान के लिए वालंटियरों की तैनाती की गई है। वालंटियरों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर दिए गए, लेकिन अब वह पुराने हो चुके हैं। इससे उनमें कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है। अभी सामान नहीं मिलने के कारण वह स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कुछ वालंटियरों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वह कई बार इस संबंध में अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि लिखित में भी यह मांग प्रशासन से की है।
राज चड्ढा ने प्रशासन से मांग की है कि लोगों की सेवा में लगे सभी सरकारी व गैर सरकारी कर्मचारियों और वालंटियरों का स्वास्थ्य बीमा कराया जाए। साथ ही उन्हें संक्रमण से बचाने को प्रभावी कदम उठाए जाएं।