चंडीगढ़। आपको चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं...माता रानी कोरोना नामक महामारी से रक्षा करें.. हमें अवसर मिला है, राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य निभाने का.. घर पर रहें सुरक्षित रहें.. भारतवर्ष के सभी लोग स्वस्थ रहें.. कोरोना वायरस का शीघ्र सर्वनाश हो.. लिखी फोटोएं और स्टेटस बुधवार को पहले नवरात्रि के दिन सोशल मीडिया पर ट्रेंड में रहे।
मंदिरों के कपाट बंद होने के कारण लोगों ने घरों में साफ-सफाई कर नवरात्रि की पूजा शुरू की। चैत्र नवरात्रि और भारतीय नववर्ष की शुरुआत बुधवार से शुरू हो गई। सामान्य तौर पर लोग बधाई संदेश में सुख-समृद्धि, धन-धान्य की कामना करते हैं, लेकिन कोरोना से बचाव के चलते लॉकडाउन के कारण लोग मंदिरों में नहीं जा पाए और न ही एक-दूसरे को मिलकर बधाई देने का मौका मिला। लोगों ने फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम पोस्ट व मैसेज के जरिए ही एक-दूसरे को नववर्ष और नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
इसके साथ ही माता रानी से पूरे विश्व के लिए कोरोना महामारी से लड़ने की ताकत और सबके स्वास्थ्य की कामना की। एक तरफ कोरोना से बचाव के लिए शरीर और अपने आसपास की सफाई रखना जरूरी है। वहीं, चैत्र नवरात्रि में भी लोग अपने घरों की साफ-सफाई करने के बाद नए कपड़े पहनकर नवरात्रि की पूजा शुरू करते हैं। भारतीय परंपराओं में चैत्र नवरात्रि में सफाई का काफी महत्व माना जाता है। कोरोना वायरस के संक्रमण के समय में नवरात्रि के कारण सफाई के माध्यम से इस बीमारी को रोकने में भी मदद मिलेगी।
चैत्र नवरात्रि में घर की संपूर्ण सफाई के बाद करें पूजा
देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ के अध्यक्ष पंडित ईश्वर चंद्र शास्त्री ने बताया कि बुधवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही नया संवत भी शुरू हो गया। इसमें घर की संपूर्ण साफ-सफाई के बाद नए कपड़े पहनकर 9 दिन की पूजा शुरू की जाती है। इसके साथ ही 9 दिनों में सात्विक आहार ग्रहण किया जाता है। नवरात्रि के 9 दिन लोगों को शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ बनाते हैं। लोग अपने घरों में दुर्गा माता की अखंड ज्योति जलाते हैं। इसके साथ ही रामचरितमानस का पाठ किया जाता है। हर वर्ष यह पाठ पंडित की ओर से घरों में करवाया जाता है, लेकिन इस वर्ष परिस्थितियों को देखते हुए हम लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से ही पूजन विधि के बारे में बता रहे हैं। इसके साथ ही कुछ लोग फल और फूल नहीं मिलने के कारण भी परेशान हैं। ऐसे में उनको समझाया जा रहा है। समय और परिस्थिति के अनुसार माता रानी की भाव से पूजा करें और विश्व के स्वास्थ्य की कामना करें।