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'आप' विधायक अमानतुल्ला के खिलाफ पंजाब से उठी आवाज, पार्टी से निकालने की मांग

Wed, 03 May 2017 09:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अमानतुल्लाह खान - फोटो : PTI
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कुमार विश्वास पर भाजपा से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाने वाले दिल्ली के आप विधायक अमानतुल्ला के खिलाफ पंजाब से भी आवाज उठी है। पार्टी के चीफ व्हिप सुखपाल खैरा ने राष्ट्रीय कनवीनर अरविंद केजरीवाल को पत्र लिख कर मांग की है कि अमानतुल्ला को पार्टी से निकाला जाए।
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खैरा ने पत्र में लिखा है कि विश्वास के खिलाफ झूठे और अपमानजनक आरोप लगाने वाले विधायक को पार्टी से निकाला जाए। क्योंकि इससे लोगों की नजर में पार्टी की छवि खराब हुई है। अमानतुल्ला ने विश्वास की छवि खराब करने केसाथ उनके और केजरीवाल के बीच दूरी पैदा करने की भी कोशिश की है, इसलिए उन्हें तुरंत पार्टी से निष्कासित किया जाए।

गुटबाजी में घिरी फूलका की यात्रा
आम आदमी पार्टी के विधायक दल के नेता एचएस फूलका की पंजाब यात्रा से गुटबाजी का साया नहीं हट रहा है। पार्टी के सभी बड़े नेताओं ने यात्रा से किनारा कर लिया है। सूबा कनवीनर गुरप्रीत घुग्गी ने फिर दोहराया कि यह आप का कार्यक्रम नहीं, बल्कि फूलका का अपना कार्यक्रम है। भगवंत मान यूएस गए हैं। सोमवार को फूलका ने अमृतसर से यात्रा शुरू की तो उसमें आठ-दस विधायक ही पहुंचे। मंगलवार को यात्रा जालंधर में थी, लेकिन इस जिले से संबंधित पार्टी के एक और दिग्गज नेता और चीफ व्हिप सुखपाल खैरा यात्रा में शामिल नहीं हुए। खैरा ने दलील दी कि वह हलके में व्यस्तता के चलते यात्रा में नहीं पहुंच सके। हालात यह है कि इस यात्रा ने पार्टी में गुटबाजी को खुल कर सामने ला दिया है।
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विश्वास को चुनाव प्रचार के लिए भी नहीं भेजा था

कुमार विश्वास - फोटो : YOUTUBE
उधर, आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई की निगाहें मंगलवार को सारा दिन दिल्ली पर लगी रहीं। पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर चल रही उठा-पटक को लेकर कयासों का दौर चलता रहा। नेताओं से लेकर वर्कर दिल्ली में अपने आकाओं से संपर्क तक ताजे घटनाक्रम की जानकारी लेते रहे।

पार्टी के संस्थापक सदस्य कुमार विश्वास ने मंगलवार शाम साफ कर दिया कि अब सुलह की गुंजाइश नहीं है। उस स्थिति में क्या संभावित समीकरण बन सकते हैं, इसे लेकर पंजाब के नेता मंथन करते रहे। विश्वास के पार्टी छोड़ने से लेकर पार्टी में प्रमुख पद हासिल करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श होता रहा। लेकिन ज्यादातर नेताओं का मानना है कि दिल्ली में बन रहे समीकरणों का पंजाब पर खास असर नहीं होगा। क्योंकि अगर अरविंद केजरीवाल गुट ही हावी रहता है तो सब कुछ पहले जैसा ही चलेगा। अगर किसी तरह कुमार विश्वास सत्ता में आ जाते हैं तो भी पंजाब इकाई प्रभावित नहीं होगा। क्योंकि विश्वास की यहां अपनी कोई टीम नहीं है।

वह पंजाब में चुनाव प्रचार के लिए आना चाहते थे, लेकिन जरनैल सिंह भिंडरावालां को लेकर एक वीडियो में उनकी टिप्पणी से कट्टरपंथी नाराज थे। इसलिए आप नेतृत्व ने विश्वास को पंजाब चुनाव से दूर ही रखा। हालांकि, आप ने पंजाब चुनाव प्रचार का आगाज विश्वास के ही गीत से किया था, जोकि नशे पर आधारित था, लेकिन उन्हें पंजाब कभी नहीं भेजा गया। यहां केसंगठन पर संजय सिंह और दुर्गेश पाठक ही हावी रहे। इन्होंने अपनी टीम बनाई और अपने खास लोगों को प्रमुख पद दिए।
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