करतारपुर कॉरिडोर बनने के बाद भी श्रद्धालु पाकिस्तान नहीं जा पा रहे हैं। वे दूरबीन से ही श्री करतारपुर साहिब के दर्शन करके निहाल हो रहे हैं। इसकी वजह है दर्शन के लिए दोनों देशों द्वारा तय की गई शर्तें, जो काफी कड़ी हैं। श्रद्धालु गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए सभी दस्तावेज पूरे करके पाकिस्तान में प्रवेश कर रहे हैं। वहीं कई श्रद्धालु डेरा बाबा नानक में ही दूरबीन से गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। दूरबीन स्थल पर खड़े होकर श्रद्धालु अरदास भी कर रहे हैं और सेल्फी भी खींच रहे हैं। यात्रियों में पाकिस्तान साइड बने कॉरिडोर को देखने की उत्सुकता है।
न्यूजीलैंड से अपनी पत्नी व परिवार के सदस्यों के साथ डेरा बाबा नानक इंटरनेशनल सीमा पर पहुंचे अंकित ने बताया कि उनके पास पासपोर्ट तो है, लेकिन ओआईसी नहीं है। इसलिए वह गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने पाकिस्तान नहीं जा सके। अब वह परिवार के साथ दूरबीन के माध्यम से ही गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन कर रहे हैं। वे दोनों देशों की सीमाओं को जोड़ने वाले कॉरिडोर को भी देखना चाहते है। दोनों देश को दर्शन के लिए बनाई शर्तों को आसान कर देना चाहिए, ताकि हजारों किलोमीटर दूर से आए उनके जैसे नानक नाम लेवा भी गुरुद्वारा साहिब के दर्शन कर सके।
करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण में कई कमियां देखने को मिल रही हैं। कॉरिडोर के दोनों तरफ बने फुटपाथ के साथ बनाई गई नालियां कई जगह से धंस गई हैं। फुटपाथ पर लगी टाइल भी कई जगह से धंस गई हैं। इन कमियों को दूर करने के लिए मजदूर काम कर रहे हैं।