हरियाणा में पानी की कमी को दूर करने के लिए संसाधनों के उपयेाग और स्रोतों की क्षमता में विस्तार करने सहित ट्रीटमेंट के बाद पानी का खेतों में उपयोग करने के अलावा अन्य परियोजनाओं को भी विजन-2025 में शामिल किया गया है।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से ‘हमारा विजन हमारा मिशन’ के तहत पहल की गई है। इसमें ‘हर खेत-हर घर को पानी’, ‘हर उद्योग और पशुधन को पानी’, ‘हर समय, स्वच्छ स्वस्थ पानी’ का नारा दिया गया है।
प्रदेश के समेकित विकास और तमाम जल स्रोतों के प्रबंधन को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इसके तहत योजनाओं को तैयार कर लागू किया जाएगा, ताकि तकनीकी, पर्यावरण और आर्थिक लिहाज से प्रदेश को इसका फायदा मिल सके।
सिंचाई विभाग के इंजीनियर इन चीफ एके गुप्ता का कहना है कि जल संरक्षण के लिए जरूरी सभी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पानी की बर्बादी पर शिकंजा कसने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
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विजन की प्राथमिकताएं
जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पुनर्भरण, नहरों के रिसाव व वाष्पीकरण रोकना, लघु सिंचाई, पुन:चक्रण, पानी बचाने वाली तकनीक से खेती, नहरी, जन सुविधाओं के लिए उपयोग, पानी बचाने वाली आदत का अभ्यास, कम पानी वाली फसलें उगाना।
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हरियाणा में पानी की उपलब्धता (क्यूसिक में)
प्रणाली मानसून अन्य मौसम
भाखड़ा कैनाल 9500 9500
यमुना कैनाल 17000 1500-3000
गुड़गांव आगरा कैनाल 1200 11400-13000
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एक्शन प्लान
-माइक्रो इरिगेशन को प्रोत्साहित करने के लिए पायलट परियोजना के तौर प्रदेश के 13 जिलों में वर्ष 2016-17 में 25 करोड़ के खर्च का प्रस्ताव
-6.40 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश में तैयार होंगे 390 इंजेक्शन वेल
-900 तालाबों के अलावा वाटरहाउस का निर्माण
-143 करोड़ की लागत से पंप की क्षमता को बढ़ाने के साथ ही जवाहर लाल नेहरू कैनाल सिस्टम पर भी कार्य जारी
-लोहारू कैनाल की मरम्मत पर सात करोड़ का खर्च
-नाबार्ड की स्कीम के तहत 300 करोड़ की लागत से 565 वाटरकोर्स का पुनर्वास
-115 ट्यूबवेल लगाने का कार्य भी चल रहा है, जिसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा
-सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीटमेंट के बाद पानी का सिंचाई में इस्तेमाल
-पांच सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए चैनल का भी निर्माण
-रीयल टाइम सपोर्ट सिस्टम के लिए केंद्र सरकार ने 50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी
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जमीन अधिग्रहण किए बिना क्षमता में बढ़ोतरी
दादूपुर हमीदा हेड, हमीदा इंद्री हेड, इंद्री पिचोलिया हेड, मुनक खुबरु हेड (दिल्ली ब्रांच एवं हांसी ब्रांच), खुबरु हेड (जेएलएन कैनाल, भलौत सब ब्रांच) पर 1200 करोड़ खर्च किया जाएगा। इसके लिए जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा, बल्कि मौजूदा भूमि में ही नहर और चैनलों की क्षमता में बढ़ोतरी करने की योजना है। इसके अलावा भाखड़ा सहित सभी प्रमुख नहरों की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा, ताकि हरियाणा में पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़े।