हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अफसर अशोक खेमका की हालत आसमान से गिरे और खजूर में अटके जैसी हो गई है। सरकार ने उन्हें पुरातत्व विभाग से हटाकर विज्ञान एवं तकनीक विभाग में पटक दिया है। यह महकमा भी कोई महत्वपूर्ण महकमा नहीं है। पिछले कई दिनों से ट्वीट कर अपना दर्द बयां कर रहे खेमका को सरकार ने पोस्टिंग तो दी है, लेकिन महत्वपूर्ण नहीं।
खेमका की पोस्टिंग के लिए मुख्यमंत्री के सामने वकालत कर रहे स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की सिफारिश भी काम नहीं आई है। अधिकारियों की मानें तो पुरातत्व विभाग में विज्ञान एवं तकनीक विभाग से अधिक काम है, जबकि उन्हीं के बैच के अन्य अधिकारियों को बढ़िया महकमे दिए गए हैं।
विज्ञान एवं तकनीक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया। अनिल मलिक को मत्स्य विभाग का प्रधान सचिव और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, जबकि अपूर्व कुमार सिंह को तकनीकी शिक्षा विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया है।
अभिलक्ष लिखी को पशुपालन एवं डेयरी विभाग का प्रधान सचिव व सूचना, जनसंपर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, भाषाएं एवं शिकायत निवारण व सत्कार विभागों के महानिदेशक और प्रधान सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। नियुक्ति की प्रतिक्षा कर रही नीरजा को कार्मिक, प्रशिक्षण, सतर्कता एवं संसदीय कार्य विभागों की सचिव व प्रशिक्षण निदेशक नियुक्त किया है।
खेमका से मैपिंग करवा सकती है सरकार
सरकार में एक चर्चा यह भी है कि आईएएस अशोक खेमका से सरकार जमीनों की मैपिंग करवा सकती है। जमीनों की मैपिंग करवा सरकार जमीनों के मामलों से जुड़े भ्रष्टाचार को रोकना चाहती है। अब देखना यह है कि खेमका इस विभाग में कितने दिन खुश रहते हैं।