नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वॉयरोलॉजी (एनआईवी) के परीक्षण में चंडीगढ़ के चमगादड़ों में वायरस मिलने के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने गश्ती दलों को शहर और जंगल में रहने वाले चमगादड़ों पर विशेष नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृत चमगादड़ मिलने पर उच्चाधिकारियों को तुरंत सूचित करने को कहा है। आपको बता दें कि केरल के चमगादड़ों में निपाह वायरस के लक्षण मिलने के बाद पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी के वैज्ञानिक परीक्षण कर रहे थे।
इसके लिए देश 10 राज्यों के चमगादड़ों से सैंपल लिए गए थे, जिनमें चंडीगढ़ भी शामिल था। तीन साल से वैज्ञानिक चमगादड़ में वायरस को लेकर अध्ययन कर रहे थे। हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने एनआईवी के अध्ययन की रिपोर्ट में खुलासा किया है कि पांच राज्यों के चमगादड़ों के गले व मलाशय के सैंपल परीक्षण में वायरस संक्रमण मिला है। हालांकि आईसीएमआर ने यह कहा है कि यह वायरस कोविड-19 नहीं है।
परीक्षण में दो प्रजातियों को किया शामिल
देश के 10 राज्यों के चमगादड़ों के सैंपल परीक्षण के लिए लिए गए थे। इनमें चंडीगढ़ समेत देश के अलग-अलग राज्यों से चमगादड़ों की दो अलग-अलग प्रजातियों को शामिल किया गया था। चमगादड़ों की पहली प्रजाति के लिए चंडीगढ़ सहित केरल, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, गुजरात, ओडिशा, पुड्डुचेरी, तमिलनाडु और तेलंगाना के 508 सैंपल लिए गए। इसके साथ ही दूसरी प्रजाति के 78 चमगादड़ों के नमूने केरल, कर्नाटक, चंडीगढ़, गुजरात, ओडिशा, पंजाब और तेलंगाना से लिए गए।
निपाह वायरस का चमगादड़ वाहक होने का खुलासा होने के बाद इन पर विशेष नजर रखी जा रही है। चंडीगढ़ में भी चमगादड़ों में वायरस संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि यदि शहर या जंगल में मृत चमगादड़ मिलता है तो तत्काल इसकी सूचना अधिकारियों को दी जाए।
- डॉ. अब्दुल कय्यूम, आईएफएस, वन विभाग, चंडीगढ़