चंडीगढ़। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग के भाई विनोद सहवाग को चंडीगढ़ पुलिस ने चेक बाउंस के मामले में तीन दिन पहले गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर वीरवार को सुनवाई हुई। पुलिस ने आरोपी की जमानत याचिका का विरोध किया और बताया कि आरोपी काफी शातिर किस्म का व्यक्ति है। उसे जमानत न दी जाए।
हालांकि कोर्ट ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया और अब अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी। चेक बाउंस का यह मामला वर्ष 2023 में मनीमाजरा थाने में दर्ज किया गया था। कोर्ट ने उसे पीओ करार दे दिया था। हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित श्री नैना प्लास्टिक कंपनी के अधिवक्ता ने बताया कि दिल्ली की जाल्टा कंपनी ने उनकी कंपनी को वर्ष 2017 में कुछ मैटीरियल सप्लाई करने का ऑर्डर दिया था। जाल्टा कंपनी ने इसके एवज में जून 2018 को उनकी कंपनी को एक-एक करोड़ के 7 बैंक चेक दिए, लेकिन कंपनी ने इनको जब खातों में लगाया तो वे पैसे नहीं होने के कारण बाउंस हो गए।
श्री नैना प्लास्टिक कंपनी ने जाल्टा फूड एंड बेवरेजेस और उनके तीन डायरेक्टर्स विनोद सहवाग, विष्णु मित्तल और सुधीर मल्होत्रा के खिलाफ केस दायर किया था। पिछले साल लोअर कोर्ट ने विनोद सहवाग समेत तीनों डायरेक्टर्स को बतौर आरोपी पेश होने के लिए समन किए थे, लेकिन अब उन्होंने कोर्ट के समनिंग ऑर्डर के खिलाफ सेशंस कोर्ट में रिवीजन पिटीशन फाइल कर दी थी। विनोद सहवाग ने कहा था कि उन्हें आरोपी बनाए जाने का फैसला गलत है। वे इस कंपनी में न तो डायरेक्टर हैं और न ही इंप्लाई। हालांकि कोर्ट ने सितंबर, 2023 में तीनों को पीओ करार देते हुए इनके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने 23 सितंबर को इनके खिलाफ पीओ का केस दर्ज कर लिया था और इसी मामले में वीरेंद्र सहवाग के भाई को अब गिरफ्तार किया गया है।