समाज हो या घर.. यहां बेटी और महिला को सुरक्षित रखा जाएगा। वो भी वुमनिया पावर संग। जी हां, यह सब करेंगी ग़ुलाबी गैंग। ये सिटी का पहला ऐसा गैंग है जो स्लम एरिया की महिलाओं को घरेलू हिंसा से लेकर सड़क के मनचलों को सबक सीखने वाली है।
सिटी की करीब 250 महिलाओं के इस गैंग का मकसद सिर्फ महिलाओं का अपने हक के लिए सुरक्षित और शिक्षित करना है। इस खूबसूरत पहल का हिस्सा बनी महिलाओं ने अपने अनुभव को सांझा किया। ये युवसत्ता एनजीओ और चंडीगढ़ स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी की ओर से शुरू की गई है।
शामिल होकर गर्व महसूस कर रही हूं
जिंदगी में किसी के काम आ रही हूं, इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है। मैं प्रोजेक्ट के साथ शामिल होकर खुद को बहुत खुश किस्मत समझ रही हूं कि मैं किसी बेसहारा महिलाओं का सहारा बन सकूंगी। इसका मकसद सभी गरीब महिलाओं को उनके हक के बारे में शिक्षित करना है।
- पिंकी रानी, प्रोजेक्ट मैनेजर
महिलाओं के प्रति अपराध को रोकेंगे
इस प्रोजेक्ट के जरिए शहर की गरीब महिलाओं को मदद मिलेगी। हम ऐसी महिलाओं से संपर्क करेंगे, जो घरेलू हिंसा या अन्य किसी उत्पीड़न से बेहद परेशान है। हम उनको उनके हक के लिए शिक्षित और उनके प्रति हो रहे अपराध को भी रोकेंगे।
- सीमा, ग्रुप मेंबर
इनके साथ बिताएंगे हर पल
हम गरीब लड़कियों को उनके हाथ के लिए शिक्षित करेंगे और जो चीज उन्होंने कभी नहीं देखी जैसे थिएटर में फिल्म देखना, पिकनिक पर जाना और एक साथ बैठकर टीवी देखना जैसी पलों को साझा भी चलेंगे। इसके अलावा हम उनके आसपास हो रहे हैं। अपराध या हिंसा के बारे में जानेंगे साथ ही हम इन लोगों को इनके अधिकार के बारे में थी बताएंगे।
- मनजीत कौर, ग्रुप मेंबर
महिलाओं की सुरक्षा को करेंगे पुख्ता
गैंग का मुख्य मकसद महिलाओं को सुरक्षित करना है फिर चाहे वह घरेलू हिंसा हो या सड़क पर मनचलों को सबक सिखाना हो। हम सब महिलाएं स्लम एरिया की गरीब और अशिक्षित महिलाओं को पहले शिक्षित करेंगे और उनको ऐसा माहौल देंगे ताकि वे अपने दुखों को हमें बता सके और हम उनकी मदद कर सके।
- सोनिया, आउटरीच वर्कर
समाज में कई महिलाएं असुरक्षित
चंडीगढ़ में कई ऐसे कॉलोनियां हैं जहां महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा होती है, लेकिन डर और अशिक्षा की वजह से किसी को अपने दर्द के बारे में नहीं बता पाते हैं। इसलिए इसके माध्यम से हम ऐसी महिलाओं तक पहुंचने की कोशिश करेंगे जो इस तरह की हिंसा का शिकार हुई है या हो रही हैं। हम उनकी हर संभव मदद करेंगे। इसके लिए हमारी एक स्पेशल टीम है जो सभी महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्या हल कर सकेंगी। इस टीम का हिस्सा होकर गर्व महसूस कर रही हूं और भविष्य में भी हम अधिक से अधिक महिलाओं की मदद कर सकें।
- संध्या, आउटरीच वर्कर
बेसहारा महिलाओं की करेंगे मदद
गुलाबी गैंग से हम शहर की बेसहारा महिलाओं की मदद कर सकेंगे, जो कई सालों से मदद की गुहार लगा रही हैं। उनके अधिकार के लिए शिक्षित भी कर सकेंगे। समाज में महिलाओं को अपने अधिकार के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है मैं गुलाबी गैंग का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं और हमारी कोशिश है कि हम अधिक से अधिक महिलाओं की मदद कर सकें।
- नीता शर्मा, आउटरीच वर्कर
महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण
युवसत्ता के संयोजक प्रमोद शर्मा ने गुलाबी गैंग कंसेप्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घरेलू हिंसा और अन्य तरह की हिंसा के लिए यह उनकी प्रतिक्रिया है। युवसत्ता-चंडीगढ़ का गुलाबी गैंग यह संकेत है कि महिलाएं अब अपने धैर्य की सीमा तक पहुंच गई हैं। लेकिन, अब उनके लिए एक उम्मीद जगनी चाहिए।