हरियाणा सरकार ने जाट आरक्षण के नाम पर सूबे में हुए उपद्रव के दौरान ड्यूटी में कोताही बरतने वाले अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जांच कराने का निर्णय लिया है।
सरकार ने जांच की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी पद्मश्री प्रकाश सिंह को सौंपी है। सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि प्रकाश सिंह इस संबंध में 45 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देंगे। प्रकाश सिंह की ओर से की जाने वाली जांच में आईएएस और आईपीएस काडर के दो-दो सेवारत अधिकारी भी सहायक की भूमिका निभाएंगे।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार सीआईडी/सीबीआई का अनुभव रखने वाले सेवारत या सेवानिवृत्त पुलिस उप-अधीक्षक/ निरीक्षक के पद के दो इनवेस्टीगेटर की सेवाएं भी उन्हें दी जाएंगी। प्रकाश सिंह प्रदेश में कानून-व्यवस्था के वर्तमान ढांचे, प्रक्रियाओं और प्रणालियों का अध्ययन कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुझाव भी देंगे।
गौरतलब है कि प्रकाश सिंह एक प्रतिष्ठित पुलिस अधिकारी रहे हैं। वे उत्तर प्रदेश और असम के पुलिस मुखिया भी रहे। उत्तर प्रदेश में उनके कार्यकाल के दौरान तराई क्षेत्र में सक्रिय माफिया के विरुद्ध अभियान चलाया गया था।