केंद्रीय खेल राज्यमंत्री किरन रिजिजू
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बजरंग पूनिया ने शनिवार को कहा कि खिलाड़ियों के अपमान की सीमा को सरकार पार कर चुकी है। झूठ की सीमा व अपमान की गहराई को तब तक जाना जा सकता है, जब खुद पर बीत रही होती है। इस बात को सीएम व खेलमंत्री नहीं समझ रहे हैं। वहीं विनेश फौगाट ने कहा कि एयर कंडीशनर में बैठने वाले लोगों को पता नहीं होता है कि खिलाड़ी कैसे तैयार होते हैं।
यह उन लोगों से पूछना चाहिए, जिन्होंने एक खिलाड़ी बनाने को अपने घर का सबकुछ दांव पर लगाया हो। वहीं दोनों ने साफ कहा है कि वह इनामी राशि पूरी नहीं मिलने तक शांत नहीं बैठेंगे और ऐसा नहीं होता है तो वह सरकार को यह राशि भी वापस लौटा देंगे।
केंद्रीय खेल राज्यमंत्री किरन रिजिजू से जगी उम्मीद
पहलवान बजरंग पूनिया के अनुसार एनआईएस पटियाला में केंद्रीय खेल राज्यमंत्री किरन रिजिजू पहुंचे थे। जहां उनकी जानकारी में आया कि हरियाणा में खिलाड़ियों की इनामी राशि को काटा जा रहा है। जिस पर केंद्रीय खेल राज्यमंत्री ने कहा है कि खिलाड़ियों को पूरी इनामी राशि दिलाई जाएगी।
इसके लिए वह प्रदेश सरकार से पूरे मामले की जानकारी लेंगे। उसके बाद सभी खिलाड़ियों को पूरी राशि दिलाई जाएगी। बजरंग का कहना है कि इससे कुछ उम्मीद जगी है और केंद्र सरकार साथ खड़ी दिख रही है।
मेडल विजेता खिलाड़ियों को करियर खत्म होने के बाद भी जॉब दिलाएंगे: रिजिजू
केंद्रीय खेल राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल लाने वाले खिलाड़ियों का एक्टिव खेल कॅरियर खत्म हो जाने के बाद कारपोरेट में नौकरी दिलाने की बात चल रही है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में पदक विजेताओं को एक्टिव खेल कॅरियर खत्म हो जाने के बाद अपने परिवार का गुजारा भी मुश्किल हो जाता है।
उनकी इस समस्या को दूर करने के लिए खेल मंत्रालय की विभिन्न कारपोरेट लीडरशिप से बातचीत चल रही है ताकि ऐसे खिलाड़ियों को नौकरी दिलवाई जा सके। साथ ही खेल क्षेत्र में सक्रिय खिलाड़ियों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा कि उन्हें सरकारी नौकरी या फिर निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाई जा सके।