भूमि अधिग्रहण के लिए तय रकम से 100 करोड़ अधिक भुगतान मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस बारे में रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। यह जानकारी विजिलेंस ने विवाद को लेकर लंबित याचिका पर सुनवाई के दौरान दी। वहीं अतिरिक्त भुगतान की वसूली को लेकर रिपोर्ट सौंपने के लिए हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट से समय मांगा है।
यह घोटाला तब सामने आया था जब हरमाला कौर नामक एक महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि उसकी भूमि का सरकार ने अधिग्रहण किया था। इस अधिग्रहण की ऐवज में सरकार ने उसे और उसकी बहन को 31 करोड़ 34 लाख 58 हजार 738 रुपए का भुगतान किया गया था।
इस भुगतान के तहत दोनों बहनों के हिस्से में 15 करोड़ 86 लाख 88,298 रुपए आए थे। जब यह राशि इन्हें जारी हो गई लेकिन बाद में कलेक्टर ने उन्हें नोटिस जारी कर 16 करोड़ 74 लाख 92,238 रुपए यह कहते हुए तत्काल वापिस किये जाने के निर्देश दे दिए कि उन्हें यह इतनी राशि ज्यादा जारी कर दी गई थी।
बाद में खुलासा हुआ था कि सिर्फ इस मामले में ही नहीं बल्कि बड़े पैमाने में पुरे राज्य में तय राशि से कहीं अधिक मुआवजा जारी कर दिया गया। इतना ही नहीं कई जगहों पर तो शामलात जमीन अधिग्रहित कर इसका मुआवजा भी जारी कर दिया गया था। हाईकोर्ट को बताया गया है कि पंचकूला और अंबाला में भूमि मालिकों को भूमि-अधिग्रहण के ऐवज में जारी की गई अतिरिक्त राशि की वसूले के लिए उठाये जा रहे कदमों की जानकारी के लिए हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट से कुछ और समय देने की मांग की। हाईकोर्ट ने इसके बाद सुनवाई स्थगित कर दी।