पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की ओर से जूनियर ड्राफ्टसमैन की नियुक्ति को अवैध करार देते इसे रद्द करने का आदेश दिया है। इस प्रकार की नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट ने एचएसएससी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और इस अवैध नियुक्ति के लिए जिम्मेदारी तय करने का आदेश दिया है।
झज्जर निवासी शक्ति राज ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में जूनियर ड्राफ्ट्समैन पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। लिखित परीक्षा के लिए कट ऑफ मार्क्स 94 थे जबकि याची को 98 अंक मिले थे। दो पदों के लिए चार उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। याची ने कहा कि एचएसएससी ने चहेते उम्मीदवार का चयन करने के लिए भ्रष्ट तरीका अपनाया और अवैध रूप नियुक्त करने के लिए पूरी कवायद को अंजाम दिया।
चयनियत उम्मीदवार के पास याचिकाकर्ता की तुलना में कम अंक थे और वह साक्षात्कार में बुलाए जाने के योग्य भी नहीं थी। उसके चयने के लिए याची समेत दो को इस आधार पर अयोग्य करार दे दिया गया कि उन्होंने अनुभव प्रमाण पत्र में वेतन का उल्लेख नहीं किया।
याची ने बताया कि इस भर्ती में अनुभव की कोई शर्त ही नहीं थी। कोर्ट ने चयनित उम्मीदवार का चयन रद्द करते हुए आयोग को नई योग्यता सूची बना कर नियुक्ति करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने के स्थान पर प्रक्रिया में हेरफेर किया गया। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार के मामलों से लोगों के बीच आयोग के प्रति विश्वास कमजोर होता है।