अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को विजिलेंस का रिमांड मिलने से यह साफ है कि प्रथम दृष्टया में मजीठिया के खिलाफ आरोप सही है। 540 करोड़ रुपये कहां से आए, कोई अता-पता नहीं है।
अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के तीन करोड़ लोगों खासकर उन परिवारों को आज से न्याय मिलना से शुरू हो गया है, जिन्होंने नशे के कारण अपने बच्चों खो दिया। विजिलेंस एफआईआर में मजीठिया से जुड़ी महत्वपूर्ण वित्तीय अनियमितताओं को उजागर किया गया है, जिससे उनकी कंपनियों में जमा किए गए 540 करोड़ रुपये के बेहिसाब पैसे का भी खुलासा हुआ है। इनमें 161 करोड़ तो बिना उचित दस्तावेज के खातों में जमा किए गए हैं, जबकि 141 करोड़ रुपये राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए कंपनियों के माध्यम से भेजे गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में यह भी पता चला कि इन अवैध पैसों से कई सौ करोड़ रुपये की अन्य संपत्तियां अर्जित की गईं, जिससे इसके स्रोत और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े होने से संबंधित कई गंभीर सवाल उठते हैं। अरोड़ा ने कहा कि बेहिसाब धन को कंपनियों के माध्यम से व्यवसायों में लगाया गया। इतने पैसे उनके पास कहां से आए? क्या मजीठिया के घर में पैसे छापने की कोई मशीन है? इसका उन्हें जवाब देना चाहिए।