पंचकूला। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सेक्टर-1 में महिला प्रकोष्ठ की ओर से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसका संयोजन महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी कुसुम रानी व उनकी टीम ने किया। कार्यक्रम में पेंटिंग, स्लोगन राइटिंग और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़कर भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं से महिलाओं की भूमिका, उनके अधिकारों और सशक्तिकरण पर प्रभावशाली विचार पेश किए। इस मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह सिवाच ने कहा कि महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान को पहचानने का अवसर है। इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देते हैं। कॉलेज में एनएसएस की ओर से पौधरोपण भी किया गया।
महाविद्यालय की उप-प्राचार्य डॉ. सीमा सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी संभव है, जब समाज में समानता और समावेशिता को बढ़ावा दिया जाए। प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसमें डॉ. प्रेम लता, डॉ. रूबी, मंजीत, एंजेला, प्राची, वीणा जांगड़ा और गुरप्रीत शामिल रहीं। महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. कुसुम ने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।