मालेरकोटला के बहुचर्चित विधु जैन हत्याकांड की सीबीआई जांच शुरू होने में हो रही देरी के कारणों का खुलासा हो गया है। सीबीआई ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार ने उसे पत्र तो भेजा लेकिन जांच के लिए अनिवार्य अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की।
सीबीआई अधिसूचना के बिना जांच अपने हाथ में नहीं ले सकती। अब हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से अधिसूचना के बारे में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
पिछली सुनवाई पर पंजाब सरकार के जवाब से खुलासा हुआ था कि पंजाब पुलिस यह केस हल नहीं कर सकी। इसीलिए सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया है।
यह भी सामने आया था कि पुलिस ने जरूरी मंजूरी के लिए जनवरी महीने में ही मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेज दिया था, लेकिन सीएम कार्यालय से केंद्र को यह फाइल जुलाई महीने में भेजी गई। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि परिवार को सुरक्षा मुहैया करवा दी गई है और घर के पास नाकाबंदी की गई है।
बता दें कि बेंच को बताया गया था कि घटनास्थल पर पहुंची पीसीआर जलते हुए विधु की वीडियो बनाती रही, लेकिन उसे अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई। बाद में एंबुलेंस के लिए फोन किया गया और पीसीआर के पहुंचने के 15 मिनट बाद एंबुलेंस पहुंच पाई।
लिहाजा इस लापरवाही में संलिप्त पीसीआर कर्मियों की भूमिका की भी सीबीआई जांच की जाए। विधु की मां आरती जैन ने एडवोकेट बृजेश्वर सिंह जसवाल के माध्यम से याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी। आरती जैन ने खुद के साथ-साथ अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि असुरक्षा के कारण परिवार लुधियाना शिफ्ट हो गया है।