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उपराष्ट्रपति ने PM मोदी को दी एक नसीहत, मान लें तो देश के नौजवानों का भला होगा

Wed, 29 Mar 2017 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी
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उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने इशारों-इशारों में केंद्र सरकार को नसीहत दी है। अगर इसे मान लिया जाए तो देश के नौजवानों का भविष्य अंधकारमय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमारे विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता को संकीर्ण विचारों के आधार पर चुनौती दी जा रही है और उसे जनहित में बताया जा रहा है।
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विश्वविद्यालयों को मुक्त क्षेत्र और उदार मूल्यों के नवीनीकरण के स्रोत के रूप में पोषित करने की जरूरत है ताकि सामाजिक गतिशीलता और समानता का मार्ग प्रशस्त हो सके। उपराष्ट्रपति शनिवार को पंजाब यूनिवर्सिटी के 66वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।

दीक्षांत समारोह में उन्होंने 1088 लोगों को डिग्रियां बांटीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार सभी को है। हक के लिए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध-प्रदर्शन भी जायज है।
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शोध के लिए नए संसाधन की जरूरत

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी
अंसारी ने कहा कि विश्वविद्यालयों को शोध के लिए नए संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है। अगर ये उपलब्ध होंगे तो सामाजिक गतिशीलता और समानता का मार्ग बनेगा। उन्होंने इशारों में हाल ही में दिल्ली यूनिवर्सिटी में हुई हिंसक घटनाओं को लेकर मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त की।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि हायर एजुकेशन का उद्देश्य है कि स्टूडेंट्स के मन में नया जानने की इच्छा होनी चाहिए। उनमें सवाल पूछे जाने की तार्किक क्षमता का विकास किया जाना चाहिए। इससे शोध के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी आगे जाएगी।

डिस्कशन की आजादी सबको
इस दौरान उन्होंने रबींद्रनाथ टैगोर और भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि डिस्कशन की आजादी सबको है। अगर सही डिस्कशन नहीं होगा तो शोध कार्य बेहतरीन नहीं होंगे। यह यूनिवर्सिटी की जिम्मेवारी होनी चाहिए कि वह तार्किक मुद्दों पर विद्यार्थियों को सवाल पूछने के लिए तैयार करे।
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हिंसा होने पर विश्वविद्यालय खामोश न रहें

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी
उपराष्ट्रपति ने कहा कि यूनिवर्सिटी को चुप नहीं रहना चाहिए। किसी के दृष्टिकोण को अपनाने के लिए कोई मजबूर नहीं है। किसी गैरकानूनी आचरण या हिंसा होने पर विश्वविद्यालय को खामोश नहीं रहना चाहिए।

न ही उसके शिक्षकों या छात्रों को किसी दृष्टिकोण विशेष का समर्थन या खंडन करने के लिए प्रभावित करना चाहिए। विश्वविद्यालयों को अपनी सैद्धांतिक अखंडता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हर कानूनी तरीका अपनाना चाहिए। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने हाल ही में दिल्ली में हुई रामजस कालेज की घटना की ओर इशारा किया।

इस मौके पर बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी को डी लिट की उपाधि से नवाजा गया। इस मौके पर चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, हरियाणा के गवर्नर कप्तान सिंह सोलंकी, चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर, पीयू के वीसी अरुण कुमार ग्रोवर सहित कई लोग उपस्थित रहे।
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