लॉकडाउन के बीच विद्यार्थियों को करवाई जा रही ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर उपराष्ट्रपति एवं चांसलर वेंकैया नायडू गंभीर हो गए हैं। उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा है कि उनकी बात को गहनता से सुना है। उन्हें कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। ऑनलाइन पढ़ाई में आ रही बाधाओं को लेकर की गई शिकायत के बाद उपराष्ट्रपति कार्यालय से स्टूडेंट काउंसिल अध्यक्ष चेतन चौधरी को पत्र भेजा गया है। साथ ही पीयू को भी इस संबंध में पत्र भेजने की बात कही है। यानी पीयू के अधिकारियों से वह ऑनलाइन पढ़ाई की सत्यता जांचेंगे।
लॉकडाउन बढ़ता देख यूजीसी के आदेश पर पीयू प्रशासन ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी थी। कुछ शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पढ़ाना शुरू कर दिया। इसका लाभ कुछ ही विभागों के विद्यार्थियों को मिला। कुछ शिक्षक इस कला में पारंगत नहीं थे तो उनके लिए पीयू प्रशासन की ओर से वर्कशॉप का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के बाद कुछ शिक्षकों ने ऑनलाइन पढ़ाई और शुरू कर दी। 70 फीसदी शिक्षकों ने ऑनलाइन पढ़ाना शुरू कर दिया, लेकिन इस पढ़ाई के दायरे में सभी विद्यार्थी नहीं आ रहे।
इसी बीच चांसलर वेंकैया नायडू के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पीयू के अधिकारियों ने परीक्षा भी 15 दिन में खत्म करने का खाका उनके सामने रख दिया। इससे छात्रसंघ के पदाधिकारियों में आक्रोश आ गया। उनका कहना था कि एक तो ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो रही है और ऊपर से परीक्षाएं भी जल्द करवाने की बात सामने रख दी।