चंडीगढ़। जिला अदालत बहुचर्चित एमबीए छात्रा हत्याकांड में वीरवार को फैसला सुनाएगी। बुधवार को आरोपी को पेश न किए जाने के कारण सुनवाई टल गई। किसानों की महापंचायत और पंजाब विश्वविद्यालय आंदोलन को लेकर पुलिस व्यस्त थी, जिसके चलते आरोपी मोनू कुमार को अदालत नहीं लाया जा सका।
बीते 20 नवंबर को दुष्कर्म और हत्या से जुड़े इस केस की पूरी बहस हो चुकी थी। अदालत ने 26 नवंबर की तारीख तय की थी। यह मामला वर्ष 2010 का है। सेक्टर-38 में 21 वर्षीय एमबीए छात्रा का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम में सामने आया था कि हत्या से पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस कई वर्षों तक सुराग तलाशती रही लेकिन आरोपी की पहचान नहीं हो सकी। पिछले वर्ष पुलिस ने डड्डूमाजरा के पास शाहपुर कॉलोनी के रहने वाले मोनू कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि आरोपी करीब 14 साल तक कानून से बचता रहा। जांच में यह भी सामने आया कि मोनू दो अन्य महिलाओं की हत्या में भी शामिल था। उन मामलों की सुनवाई भी जिला अदालत में जारी है।