जांच कमेटी का कहना है कि इन वेंटिलेटर का प्रयोग सांप काटे व्यक्ति की जान बचाने और ऐसे ही अन्य मरीजों के लिए किया जा सकता है। लेकिन ऐसे मरीज जिनका ऑर्गन क्षतिग्रस्त हो गया हो, उन पर उसका फायदा नहीं मिलेगा।
जीएमसीएच 32 ने भी लौटाए
जीएमसीएच 32 ने भी दमन के 10 वेंटिलेटर स्वास्थ्य विभाग को लौटा दिए हैं, जो उन्हें दूसरी लहर में केंद्र सरकार से मिले थे। अस्पताल की जांच कमेटी में शामिल विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वेंटिलेटर के इस्तेमाल में काफी दिक्कत आ रही है। वे गहन चिकित्सा मानकों पर सही नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट
पीजीआई और जीएमसीएच 32 की जांच कमेटी की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र को भेज दी है। बता दें कि जीएमएसएच 16 को मिले 10 वेंटिलेटर अब तक इंस्टॉल नहीं किए गए हैं, इसलिए वहां की रिपोर्ट नहीं मिली है।
‘अगवा’ और ‘दमन’ के वेंटिलेटर जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे। उनका प्रयोग अन्य गंभीर मरीजों पर तो किया जा सकता है लेकिन कोविड के गहन चिकित्सा वाले मरीज जिनके फेफडे़ खराब हो चुके हैं, उनके इलाज के लिए वह मानक के अनुसार नहीं हैं। इसलिए उन्हें लौटा दिया गया है। - डॉ. नारायण यदन्नपुरी, पीजीआई जांच कमेटी के चेयरमैन