चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अपील की है कि सेक्टर 17 में बैठे वेंडरों को वेंडिंग जोन में बैठाया जाए। शहर में जब 42 वेंडिंग जोन बनकर तैयार हो गए हैं तो फिर क्यों नहीं सेक्टर 17 केवेंडरों को बैठाने की व्यवस्था की जा रही है। जल्द से जल्द वेंडरों को शिफ्ट करने की व्यवस्था की जाए, ताकि दुकानदारों को थोड़ी राहत मिल सके और सेक्टर 17 को पूरी तरह से नो वेंडिंग जोन बनाया जा सके। चंडीगढ़ व्यापार मंडल के जनरल सेक्रेटरी संजीव चड्डा ने बताया कि सेक्टर 17 पहले ही नो वेंडिंग जोन घोषित है।
उसके बावजूद वहां वेंडरों को बैठने की अनुमति दी गई। अब जब शहर में 42 वेंडिंग जोन बनकर तैयार हैं तो फिर नगर निगम क्यों नहीं उन्हें शिफ्ट कर रहा है। इससे दुकानदारों को तो नुकसान हो ही रहा है, इसके साथ ही सेक्टर की सुंदरता भी खराब हो रही है। मनोनीत पार्षद चरनजीव सिंह ने बताया कि जब नगर निगम केपास पूरी व्यवस्था है तो फिर वेंडरों को शिफ्ट करने में क्या समस्या है। कई बार कहने के बावजूद वेडरों को सेक्टर 17 से शिफ्ट नहीं कराया गया तो फिर हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा है।
स्टॉल लगाने के लिए 17 के बाद जाएंगे कोर्ट
चरनजीव सिंह ने कहा कि 17 अक्तूबर को हाईकोर्ट में नगर निगम को अपना जबाव पेश करना है। उसके बाद दो दिन तक हम लोग इंतजार करेंगे। यदि निगम स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं देता है तो फिर हाईकोर्ट का ही सहारा लेना पड़ेगा। संजीव चड्ढा ने कहा कि पहले ही व्यापारियों के दो त्योहार खराब हो चुके हैं। अब दीपावली पर भी स्टॉल नहीं लगे तो घाटा होगा।
वेंडरों को बैठाने के प्लान पर सुनवाई आज
सेक्टर 22 मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन की अपील पर नगर निगम को अदालत में बुधवार को वेंडरों को बैठाने का प्लान सौंपना है। त्योहारी सीजन में पर्ची कटने के बाद वेंडर कहां बैंठेंगे, इसके लिए नगर निगम को पूरी योजना तैयार कर देनी होगी। मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन ने सेक्टर 22 डी व सी में वेंडरों को बैठने की अनुमति नहीं देने की अपील की है। उनका कहना है यहां पहले से ही काफी वेंडर हैं। इससे और समस्या बढ़ेगी।