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रुकेगी धांधली, अब आटोमेटिक मशीनों से होगी वाहनों की जांच...पायलट प्रोजेक्ट शुरू

Sat, 19 May 2018 02:09 PM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
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trafic jam - फोटो : amarujala
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हरियाणा में जल्द वाहनों की इंस्पेक्शन आटोमेटिक मशीनों से होगी। वाहनों के निरीक्षण के बाद उससे संबंधित सटीक फिटनेस भी तुरंत जारी किया जाएगा। इससे जहां वाहनों की इंस्पेक्शन को लेकर वक्त की बर्बादी नहीं होगी, दूसरा वाहनों को फिट दिखाने के लिए धांधली के खेल पर भी ब्रेक लगेगी। रोड सेफ्टी के मद्देनजर हरियाणा परिवहन विभाग ने इस खास योजना को तैयार किया है। बतौर पॉयलट प्रोजेक्ट इसकी शुरुआत रोहतक से की है। इसके बाद धीरे-धीरे हर जिले में विभाग आटोमेटिक व्हीकल इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन सेंटर खोलेगी।
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ये केंद्र वाहनों की इंस्पेक्शन कर उन्हें फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करेंगे। इन केंद्रों को एडवांस आटोमेटिक मशीनों से लैस किया जाएगा। ये मशीनें कंप्यूटरों से लिंक होंगी। वाहन जैसे ही इन मशीनों के भीतर जाएगा, तो उससे संबंधित हर तरह का कंप्यूटराइज्ड निरीक्षण शुरू हो जाएगा। थोड़ी ही देर बाद वाहन की फिटनेस से जुड़ी तमाम जानकारियां कंप्यूटर स्क्रीन पर होंगी, जिसका प्रिंटआउट निकालकर हरियाणा परिवहन विभाग वाहन से जुड़ा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर देगा। जिससे यह तय होगा कि संबंधित वाहन अब सड़कों पर दौड़ने के लिए फिट है या नहीं।

अभी मनुअल फिटनेस जांच में होती है खूब धांधली
 हरियाणा में बहुत से कॉमर्शियल वाहन ऐसे हैं, जो बरसों पुराने होकर खटारा हो चुके हैं। लेकिन ये सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों में स्कूल बसें, प्राइवेट बसें, ट्रक, ट्रैक्टर, लोडिंग वाहन, डंपर, कैंटर आदि शामिल हैं। ये वाहन न केवल सड़कों पर चलने के लिए अनफिट हैं, बल्कि वायु प्रदूषण का भी बड़ा सबब बनते हैं। हरियाणा परिवहन विभाग की स्पेशल टीम हर जिले में इन कॉमर्शियल वाहनों को कुछ समय बाद एक बड़े से मैदान में बुलाकर उनकी मैनुअल फिटनेस की जांच करती है। इसमें खासी धांधलेबाजी होती है और खानापूर्ति करते हुए बहुत से अनफिट वाहनों को भी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी हो जाते हैं।
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