चंडीगढ़ में व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस का लाइव प्रदर्शन करते अधिकारी।
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चंडीगढ़ सेक्टर-18 स्थित स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग एंड इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम शुरू कर दिया गया है। एसटीए के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सी एंड सीसी) ने लोगों के लिए लाइव प्रदर्शन किया। इसमें सभी पंजीकृत सार्वजनिक सेवा वाहनों में स्थापित व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और पैनिक बटन के काम करने के तरीकों के बारे में लोगों को बताया गया।
किसी भी गाड़ी में सवारी द्वारा पैनिक बटन दबाने पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीएंडसीसी) को अलर्ट होगा। साथ ही अलर्ट वास्तविक समय में एनईआरएस-112 चंडीगढ़ पुलिस को भी भेज दिया जाएगा। आपातकालीन स्थिति में यह आपकी रक्षा के लिए अचूक हथियार होगा।
यात्रियों के लिए त्वरित प्रतिक्रिया और सहायता, जैसे चिकित्सा सहायता या अग्नि के लिए भी सभी अलर्ट हो जाते हैं। लोगों को लाइव कर दिखाया गया कि कैसे पैनिक बटन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीएंडसीसी) और एनईआरएस-112 चंडीगढ़ पुलिस दोनों को वास्तविक समय में अलर्ट भेजता है, जिससे त्वरित कार्रवाई और आवश्यक सहायता के लिए दोहरी अलर्ट प्रणाली सुनिश्चित होती है। बता दें कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं के सुरक्षित यातायात को बढ़ावा देने के लिए निर्भया फंड से इसे तैयार किया गया है। परियोजना के अंतर्गत एसटीए में पंजीकृत सभी सार्वजनिक बसें, टैक्सी-कैब, स्कूल-कॉलेज की बसें, सभी प्रकार के इंस्टीट्यूट के वाहन, कॉरपोरेट ऑफिस के टैक्सी, नेशनल परमिट के ट्रक आदि में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और पैनिक बटन लगवाना अनिवार्य है।
कंट्रोल रूम में बजने लगता है सायरन
किसी भी गाड़ी में कोई सवारी पैनिक बटन को दबाता है तो अलर्ट का मैसेज एसटीए कंट्रोल रूम के साथ पुलिस कंट्रोल रूम में भी जा रहा है। पैनिक बटन दबते ही एसटीए और पुलिस के सिस्टम में सायरन बजने लगता है और तब तक बजता रहता है, जब तक उसे अटेंड नहीं किया जाता। इमरजेंसी अलर्ट का मैसेज लाल रंग में नजर आने लगता है। एसटीए भी पुलिस को अलर्ट करती है। अलर्ट के साथ ही गाड़ी का नंबर, समय आदि की जानकारी भी आ जाती है। पुलिस द्वारा चालक को संपर्क किया जाता है और कारण पूछा जाता है।