पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने कांग्रेस द्वारा पूर्व सेनिकों से एक रैंक एक पैंशन मामले में लगातार धोखा किए जाने पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस 26 साल से इस मुद्दे पर झुनझुना देते आ रही है।
जनरल सिंह शनिवार को छेहरटा में पूर्व सेनिकों के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सिंह ने कहा कि 26 साल पहले कांग्रेस की सरकार ने केपी सिंह देव कमेटी की रिपोर्ट को मानते हुए वन रेंक वन पैंशन की बात मान ली थी।
लेकिन 26 साल बाद भी घोषणाएं करने के बावजूद लोक सभा में कांग्रेस के वित्तमंत्री कोई नोटिफिकेशन करने के बजाए अभी भी यह कह रहे हैं कि हमने सिद्धांत के तौर पर एक रैंक एक पैंशन की बात मानी है। यह पूर्व सैनिकों से सरेआम धोखा नहीं है तो क्या है?
भाजपा के लिए राष्ट्र सबसे पहले
वी के सिंह ने कहा कि जवान ही एक ऐसी कोम है जो सबसे पहले देश के बारे में सोचती है। जब सब कुछ फेल हो जाता है तो सेना को बुलाया जाता है। यह इसी लिए कि सेना के लिए देश ही सबसे पहले होता है। श्री सिंह ने कहा कि भाजपा और सेना में यही सबसे बड़ी समानता है कि दोनों के लिए राष्ट्र सबसे पहले है।
इस मौके अमृतसर संसदीय क्षेत्र से अकाली दल व भाजपा के संयुक्त उम्मीदवार अरूण जेतली ने भी संबोधित करते हुए कहा कि मैं तो खुद जनरल साहिब को सुनने आया हूं, देश की उनके प्रति सोच का मैं कायल हूं।
पूर्व सैनिक निभाएंगे चुनाव में खास भूमिका
अरूण जेतली ने कहा कि आने वाली लोक सभा पहली ऐसी लोक सभा होगी जिसमें पूर्व सैनिकों की सर्वाधिक भागेदारी होगी। भाजपा ने इस बार जनरल वीके सिंह के अलावा जनरल बीसी खंडुरी, कैप्टन राजवर्धन सिंह राठोड़, कर्नल सोना राम जैसे सेना के पूर्व दिगज्जों को टिकट दी है। जिससे सेना से जुड़े सामलों में फैसला लेते समय इन लोगों की राय महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जेतली ने कहा कि कांग्रेस तो अब तक एक रैंक एक पैंशन पूर्व सेनिकों से धोखा ही करती आई है। हमारी सरकार आने पर इसे तुरंत लागू कर पूर्व सेनिकों को इसका फायदा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों के कांग्रेस शासनकाल में देश का रक्षातंत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सेना के लिए जरुरी साजो समान की खरीददारी व आधुनिकरण को लटकाया जा रहा है।
कैप्टन ने नहीं, सेना ने बचाया था अमृतसर को
कैप्टन अमरेंद्र सिंह द्वारा अपनी जनसभाओं में आम तौर पर यह बोला जाता है कि उन्होंने ही 1971 की जंग में अमृतसर को बचाया था।
इस बारे जब पत्रकारों ने जनरल वीके सिंह से सवाल पूछा तो श्री सिंह ने कहा कि किसी को इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए।
कोई एक व्यक्ति देश को नहीं बचाता। 1971 की जंग हो या कोई ओर जंग हो, हर बार सेना ने सामूहिक रूप में देश को बचाया है, ना किसी एक व्यक्ति ने।