धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए ‘शबद’ की पंक्तियों से छेड़छाड़ मामले में शनिवार को पंजाब के कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है।
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याचिका वकील मंदीप कौर ने दायर की है। इसमें मजीठिया के इस कृत्य को आईपीसी की धारा 295 ए का उल्लंघन बताते हुए उन्हें दंडित करने व उनके द्वारा अदालत में बिना शर्त माफी मांगे जाने की मांग की है।
याचिका पर 28 अप्रैल को सुनवाई होगी। पंजाब के कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा हाल ही में शहीद ऊधम सिंह हॉल अमृतसर में ‘शबद’ की पंक्तियों से छेड़छाड़ कर सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
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याचिका में कहा गया है कि मजीठिया ने राजनीतिक लाभ की खातिर श्री गुरू गोबिंद सिंह की ‘देह शिवा बर मोहे ईहे’ की पंक्तियों से छेड़छाड़ करते हुए अमृतसर से बीजेपी व अकाली पार्टी के सांझे प्रत्याशी अरुण जेटली के लिए ‘अरुण जेटली की जीत करों’ पंक्ति अंत में जोड़ दी।
याचिका के मुताबिक किसी भी व्यक्ति को वास्तविक शबद व गुरबाणी की पंक्तियों से छेड़खानी करने का हक नहीं है।
कैप्टन ने की कार्रवाई की मांग
अमृतसर से कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन अमरिंदर सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को पत्र लिखकर दशम गुरु के श्लोक को बिगाड़ते हुए ईशनिंदा करने वाले माल मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को सम्मन भेजने की मांग की है।
उन्होंने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर मजीठिया पर उसी तरह प्रचार करने की रोक लगाने की मांग की है, जैसे अमित शाह व आजम खान के खिलाफ की गई है। पत्रकार वार्ता में कैप्टन ने कहा कि यह श्लोक सिख रेजीमेंट की प्रार्थना है, जिससे वह संबंध रखते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब को मजीठिया के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की अपील करते हुए कहा है कि यह जरूरी है, ताकि मजीठिया जैसे लोग यह न समझें कि वह कुछ भी करके बच सकते हैं।
यह पूछे जाने पर कि यदि जत्थेदार ने कोई कार्रवाई न की, तो आप क्या करेंगे, के जवाब में कैप्टन ने कहा कि यह फैसला समुदाय करेगा कि कैसे बादलों ने सिख संस्थाओं को कमजोर बनाने की कोशिश की है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने माना कि बादल निश्चित तौर पर मजीठिया को बचाने की कोशिश करेंगे, जिस पर समुदाय को ध्यान देना होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजी शिकायत के बारे में कैप्टन ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग को अपने हाल ही के उदाहरणों के मुताबिक चलना चाहिए।
जैसे उन्होंने अमित शाह व आजम खान पर प्रचार करने की रोक लगाई है। मजीठिया का गुनाह कोई कम नहीं है, इसके लिए उसको जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आशा जाहिर की है कि मजीठिया के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई होगी।
माफीनामा लेकर अकाल तख्त पहुंचे मजीठिया
दशम पिता गुरु गोबिंद सिंह की ओर से रचित बाणी के शब्दों को तोड़ मरोड़ कर उसमें अरुण जेटली का नाम दर्ज करने के कारण पंथक विवाद में फंस चुके कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया सिख कौम के भारी विरोध के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह के सामने शनिवार को पेश हुए।
मजीठिया ने अपनी गलती के संबंध में लिखित माफी नामा श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को सौंप दिया है। मजीठिया ने इस दौरान अपने माफीनामे संबंधी दोहराते हुए कहा, मैंने बीते दिनों एक चुनाव रैली के दौरान श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की ओर से रचित शबद में अरुण जेटली का नाम जोड़ कर बोलने की हुई गलती की सार्वजनिक रूप में माफी मांग ली है।
मैं गलती की कौम से माफी मांगता हूं। अगर सिख धर्म में विश्वास रखने वाले, गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ करने वाले, नानक नाम लेवा संगत को मेरी उक्त कही हुई बात बुरी लगी है तो मैं इसकी माफी मांगता हूं। यह गलती मुझसे अनजाने में हो गई है।
मजीठिया ने कहा कि मेरा किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई भी मकसद नहीं था। मैं पूरी तरह सिख धर्म में विश्वास रखता हूं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब, दशम गुरु साहिब की बाणी और शब्दों का पूरा मान सम्मान करता हूं। मैं संगत से आशा करता हूं कि मेरी इस गलती की मुझे माफी दी जाएगी।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि बिक्रम सिंह मजीठिया ने चाहे लिखित माफीनामा श्री अकाल तख्त साहिब पर सौंप दिया है, लेकिन इस माफीनामा से उनको माफी नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि मजीठिया की गलती एक गंभीर पंथक व धार्मिक गलती है इसलिए इस पर पांच सिंह साहिबान की ओर से विचार किया जाएगा। पांच सिंह साहिबान अपनी बैठक में जो भी फैसला लेंगे उसी के अनुसार मजीठिया के खिलाफ धार्मिक कार्रवाई की जाएगी।