चंडीगढ़। शहर में मछली फार्मिंग को बढ़ावा देने की तैयारी चल रही है। इसके लिए लुधियाना के गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (जीएडीवीएएसयू) के कॉलेज ऑफ फिशरीज के साथ प्रशासन ने एक समझौता किया है। मंगलवार को प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने इस संबंध में सभी अधिकारियों की एक बैठक की।
सलाहकार को बताया गया कि सुखना लेक के रेगुलेटरी एंड के पास प्रशासन ने एक सरकारी मछली सीड फार्म बनाया है जो पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग के तहत काम करेगा। विभाग ने यूटी चंडीगढ़ में जलीय कृषि और मछली गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मछली फार्मिंग को फिर से जीवित करने का प्रस्ताव दिया है। बुनियादी ढांचे का निरीक्षण करने के लिए जीएडीवीएएस यूनिवर्सिटी के मात्स्यिकी विशेषज्ञों की टीम सुखना लेक के मछली सीड फॉर्म पहुंची। प्रशासन को टीम की तरफ से जो भी सिफारिशें मिली हैं वह स्वीकार कर ली गई हैं। सलाहकार कॉलेज ऑफ फिशरीज के डीन के तकनीकी मार्गदर्शन में वन और वन्यजीव विभाग, चीफ इंजीनियर और चीफ आर्किटेक्ट की मदद से इसे लागू करने के लिए परियोजना को मंजूरी दे दी है।
सार्वजनिक एक्वेरियम का भी होगा निर्माण
बैठक में बताया गया कि सुखना के रेगुलेटरी एंड के पास सरकारी मछली सीड फार्म के कायाकल्प के एक हिस्से के रूप में एक अत्याधुनिक सार्वजनिक एक्वेरियम स्थापित किया जाएगा। लोगों के लिए एक मछली कैफे की भी शुरुआत की जाएगी। मलेरिया को नियंत्रित करने के लिए सरकारी मछली सीड फार्म में गंबूसिया मछली पालन इकाई को मजबूत किया जाएगा।